
मृतक वीरू जाट और रीना किरार (फोटो सोशल मीडिया)
भीलवाड़ा: यह घटना किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, जहां सोशल मीडिया पर हुआ प्यार जानलेवा साबित हुआ। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज हत्या का खुलासा किया, जिसने सबको चौंका दिया है।
बता दें कि एक महिला ने अपने पहले प्रेमी के साथ मिलकर दूसरे प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को 200 किलोमीटर दूर खाई में फेंक दिया।
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की रहने वाली रीना किरार की जिंदगी में दो पुरुष थे और यही प्रेम कहानी इस जघन्य हत्याकांड की वजह बनी। रीना का पति उसे छोड़ चुका था, जिसके बाद उसके संबंध अरुण पटेल नाम के व्यक्ति से हो गए। अरुण ही रीना के घर का सारा खर्च उठाता था।
लगभग तीन साल पहले रीना की दोस्ती फेसबुक के जरिए राजस्थान के भीलवाड़ा जिला निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट से हुई। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। वीरू अक्सर रीना से मिलने राजस्थान से करीब 800 किलोमीटर का सफर तय कर नरसिंहपुर आने लगा।
जब अरुण पटेल को दूसरे प्रेमी यानी वीरू जाट के बारे में पता चला, तो घर में विवाद शुरू हो गया। अरुण को अपना वर्चस्व और पैसा दोनों खतरे में नजर आने लगे, जिसके बाद उसने रीना के साथ मिलकर वीरू को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
साजिश के मुताबिक, 29 अप्रैल को रीना ने वीरू को प्यार का झांसा देकर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से नरसिंहपुर के सांईखेड़ा स्थित अपने घर बुलाया। वीरू को अंदाजा भी नहीं था कि वह अपनी मौत के पास जा रहा है।
जैसे ही वीरू रीना के घर पहुंचा, वहां पहले से ही अरुण पटेल और उसका एक साथी हरनाम किरार घात लगाकर बैठे थे। घर के अंदर घुसते ही आरोपियों ने वीरू पर बेसबॉल के बैट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण वीरू की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने बड़े ही शातिराना तरीके से घर में फैले खून को साफ किया, ताकि किसी को शक न हो।
हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाना था। आरोपियों ने वीरू की लाश को एक बोरी में भरा और उसे अपनी XUV 700 कार की डिक्की में रख लिया। वे आधी रात को नरसिंहपुर से रवाना हुए और करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र पहुंचे।
वहां नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के पास एक 40 फीट गहरी खाई में शव को फेंक दिया और फरार हो गए। उन्हें लगा कि इतनी दूर और इतनी गहरी खाई में शव मिलने की कोई संभावना नहीं है।
7 मई को रायसेन पुलिस को सूचना मिली कि पुल के नीचे एक बोरी से भयंकर दुर्गंध आ रही है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें एक सड़ी-गली लाश मिली। शव इतना खराब हो चुका था कि उसकी पहचान करना लगभग असंभव था। घटनास्थल पर पुलिस को मृतक का एक बैग मिला, जिसमें जूते, कंघी और सबसे महत्वपूर्ण एक बच्चे की स्कूल नोटबुक थी।
रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में पुलिस ने इसी नोटबुक को अपना मुख्य सुराग बनाया। नोटबुक पर एक टीचर के हस्ताक्षर थे। जांच करते-करते पुलिस नरसिंहपुर के सांईखेड़ा पहुंची। जब उस टीचर से पूछताछ की गई, तो पता चला कि नोटबुक जिस बच्चे की है, उसका परिवार (रीना किरार) पिछले एक हफ्ते से गायब है। पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। वे पुलिस को गुमराह करने के लिए बाड़ी से इटारसी गए, फिर मुंबई (कल्याण), इंदौर और अंत में उज्जैन में जाकर छिप गए। हालांकि, साइबर सेल और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने घेराबंदी की और तीनों आरोपियों रीना किरार, अरुण पटेल और हरनाम किरार को उज्जैन से धर दबोचा।
पूछताछ में रीना ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि अरुण ही उसका खर्च चलाता था, इसलिए उसके कहने पर उसने वीरू को मौत के जाल में फंसाया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई XUV 700 कार और बेसबॉल बैट भी बरामद कर लिया है।
Updated on:
11 May 2026 03:46 pm
Published on:
11 May 2026 03:09 pm
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