चाय के नाम पर डस्ट चाय बेचने का खुलासा, सेम्पल लिए
भीलवाड़ा।
Medical and Health Department चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को पान मसाला फैक्ट्री में छापा मारा और पान मसाले के ३२ हजार पाउच सीज किए। यहां से पान मसाला, पान मिक्सर तथा चाय डस्ट के नमूने लिए। विभाग ने दो अक्टूबर को पाबंदी के बाद जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई का दावा किया है।
Medical and Health Department सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान ने बताया कि रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थित एक पान मसाला फैक्ट्री पर मिलावटी सामग्री की सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्रसिंह राणावत ने टीम के साथ निरीक्षण किया। यहां कई सामग्री मिलाकर पान मसाले के पाउच तैयार किए जा रहे थे। इसके लिए मिक्सर व पाउच पैक करने की मशीन लगी थी। पाउच में गड़बड़ी की आशंका पर तैयार माल को कर्टन में पैक कर जब्त कर लिया। कुल ७४६ पैकेट सीज किए। इनमें ३१,५८० पाउच थे।इनकी कीमत करीब सवा लाख है। इसके अलावा यहां पान मसाला व पान मिक्सर के सैंपल लिए गए।
चाय में लकड़ी के बुरादे की आशंका
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राणावत ने बताया कि इसी फैक्ट्री में चाय पैकिंग भी की जा रही थी। यहां चाय डस्ट के रूप में थी। गोदाम में चाय के सैकड़ों कट्टे पड़े थे। डस्ट चाय में लकड़ी का बुरादा होने की आशंका है। इसमें लौंग व इलायची पाउडर मिक्स कर बाजार में बेची जाती है। इस चाय को अधिकांशत: होटल वाले काम में लेते हैं। राणावत ने बताया कि सेंैपल जांच के लिए अजमेर भेजेंगे। रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि सच पता चलेगा। फै क्ट्र्री संचालक ने बताया कि असम से चाय मंगवानाम से पैकेट बना सप्लाई किए जा रहे हैं।