मौसम की मार झेल रहे 34 हजार से अधिक किसानों को मिली संजीवनी
बार-बार बदलते मानसून और फसल खराबे की दोहरी मार झेल रहे जिले के हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। तय समय 31 मार्च 2026 तक अल्पकालीन फसली ऋण नहीं चुका पाने वाले 34 हजार से अधिक किसानों को भीलवाड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक ने एक और मौका दिया है। अब ये किसान 15 मई 2026 तक बिना किसी दंडात्मक ब्याज के अपना बकाया 160.48 करोड़ रुपए जमा करा सकेंगे। इस फैसले से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को लगभग 14 करोड़ रुपए के भारी-भरकम ब्याज भार से राहत मिलेगी।
केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध संचालक आलोक चौधरी ने किसानों से अपील की है कि समय सीमा बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य उन्हें दंडात्मक ब्याज के जाल में फंसने से बचाना है। यदि बकायादार किसान 15 मई तक अपनी ऋण राशि जमा करा देते हैं, तो उन्हें ब्याज अनुदान का पूरा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वे आगामी सीजन के लिए भी शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर पुनः ऋण प्राप्त करने के पात्र हो जाएंगे। ऐसा नहीं करने पर ब्याज की पूरी राशि किसानों से ही वसूल की जाएगी।
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार ब्याज अनुदान के वित्तीय प्रबंधन को भी दो हिस्सों में बांटा गया है। 31 मार्च 2026 तक के ब्याज अनुदान का समायोजन वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत किया जाएगा जबकि 1 अप्रेल से 15 मई तक की अवधि का ब्याज अनुदान वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों से समायोजित होगा।
बैंक अधिकारियों को नाबार्ड के दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुनर्वित्त (रीफाइनेंस) में कोई तकनीकी बाधा न आए। इसके लिए पोर्टल पर डेटा अपडेशन का कार्य युद्ध स्तर पर करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
किसानों को चाहिए कि वे इन 24 दिनों की अतिरिक्त अवधि का लाभ उठाएं और अपनी बकाया राशि जमा करवाकर ब्याज के आर्थिक बोझ से मुक्त हों।
- आलोक चौधरी, प्रबंध संचालक, केन्द्रीय सहकारी बैंक भीलवाड़ा
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