भीलवाड़ा. शहर के आम उपभोक्ता यदि बिजली का बिल एक माह देरी से जमा करता है तो उसे बिजली का कनेक्शन काटने का नोटिस जारी हो जाता है।
भीलवाड़ा. शहर के आम उपभोक्ता यदि बिजली का बिल एक माह देरी से जमा करता है तो उसे बिजली का कनेक्शन काटने का नोटिस जारी हो जाता है। उसके बाद भी राशि जमा कराने में देरी होती है तो कनेक्शन काट दिया जाता है। लेकिन अजमेर विद्युत वितरण निगम जिले के सरकारी विभाग पर रहम बरत रहा है। सरकारी विभागों पर बिजली का करीब 37.22 करोड़ रुपए बकाया है। यह राशि एक-दो माह नहीं बल्कि गत तीन साल से बकाया चल रही है।
इन विभागों ने सालों से बिजली के बिल जमा नहीं करवाए हैं। विभाग की ओर से इन विभागों को कई बार बिल जमा करवाने के लिए नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। बावजूद वे बकाया राशि जमा नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में अब बिजली विभाग इन विभागों की बिजली कनेक्शन काटने की तैयारी के एक्शन मूड में आ गई है। इनमें सबसे अधिक राशि 22.25 करोड़ रुपए केवल नगर परिषद, नगर विकास न्यास तथा नगर पालिकाओं की रोड लाइट के बिजली के बिल बकाया हैं।
अजमेर विद्युत वितरण निगम के अनुसार नगर विकास न्यास, पुलिस थाने, सरपंच, जलदाय विभाग, जनता जल योजना (जेजेवाई) समेत कई सरकारी विभागों के बिजली बिल बकाया चल रहे हैं। पत्रिका ने जब सरकारी विभागों के आंकड़े जुटाए तो सामने आया है कि एक दर्जन से अधिक सरकारी विभागों की 30 सितम्बर तक 37.22 करोड़ की बिजली राशि बकाया है। अधिकारियों के अनुसार, इन विभागों के तीन साल से अधिक बिजली बिल बकाया है। पहले समझाइश की जाती है। उसके बाद कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बावजूद ये विभाग बकाया जमा नहीं करवा रहे हैं। इसके अलावा अन्य कई विभाग है, इन पर भी लाखों रुपए बकाया हैं।
सबसे अधिक रोड लाइटों के बकाया
निगम के अनुसार नगर परिषद भीलवाड़ा के 16 करोड़, नगर पलिका गंगापुर 54 लाख, मांडलगढ़ पालिका के 47 लाख, आसीन्द नगर पालिका के 93 लाख, गुलाबपुरा व हुरड़ा के 154 लाख, शाहपुरा नगर पालिका के 114 लाख, जहाजपुर नगर पालिका के 169 लाख रुपए बकाया है। इसी प्रकार जिले में सरपंचो के नाम से भी कनेक्शन है, लेकिन ग्राम पंचायत यह राशि जमा नहीं करवाता है। इसके कारण जिले में 666 लाख रुपए बकाया चल रहे हैं।
नोटिस जारी किए है
सेन्ट्रल व राज्य सरकार के कई विभाग है जो पिछले कई सालों से राशि जमा नहीं करवा रहे है। इसे लेकर विभागों को नोटिस जारी किए है। राशि जमा न कराने पर सरकार को भी पत्र लिखा है।
राजपालसिंह, अधिशासी अभियन्ता, अजमेर विद्युत वितरण निगम
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ये है बड़े बकायेदार
नगर निकाय-22.25 करोड़
सरपंच - 6.66 करोड़
जेजेवाई - 4.83 करोड़
पीएचईडी- 1.52 करोड़
सरकारी ऑफिस- 71.33लाख
केन्द्रीय कार्यालय- 8.70 लाख
पुलिस विभाग- 22.68 लाख
अन्य विभाग- 99. 18 लाख
कुल योग - 37.28 करोड़