
भीलवाड़ा।
मानसून से पूर्व शहर में नालों की सफाई के लिए नगर परिषद ने ४५ लाख का टेण्डर जारी किया है। जबकि पिछले साल १.३३ करोड़ का टेण्डर हुआ था, जिसके बदले ९० लाख भुगतान करने के बाद भी नालों की सफाई नहीं हो सकी थी। इसका खामियाजा शहर के लोगों को गंदगी के रूप में भुगताना पड़ा था। डीएलबी ने १५ जून तक शहर के सभी नालों की सफाई की रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में शहर के नालों की सफाई समय पर हो सकेगी, इस पर संशय है।
नगर परिषद के अनुसार शहर में 7 बड़े नाले हैं, जिनकी अब तक सफाई नहीं हो सकी है। इन नालों की वजह से बरसात में शहर की करीब 25 कॉलोनियां प्रभावित होती है। इसका नुकसान शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है। शहर में हर साल मई के आखिरी सप्ताह तक सफाई के ठेके हो जाते हैं। मानसून पूर्व बारिश तक नालों की सफाई हो जाती है, लेकिन इस बार टेण्डर ही अब जारी किए है, ऐसे में कार्यादेश देकर सफाई कब शुरू होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता।
सभापति राकेश पाठक का कहना है कि पिछले तीन सालों में इस बार सबसे कम राशि का टेंडर निकाला गया है। पिछले साल 1.33 करोड़ रुपए का टेंडर हुआ। उससे पहले करीब एक करोड़ रुपए का टेंडर निकाला गया। इस बार मात्र 45 लाख रुपए का टेंडर निकाला गया है। इसके माध्याम से १०० या ११० कर्मचारियों की मदद से नालों की सफाई कराई जाएगी।