आयकर विभाग की भीलवाड़ा में दूसरे दिन भी कार्रवाई
आयकर विभाग की कानपुर अन्वेषण शाखा की टीम ने भीलवाड़ा में मंगलवार को शुरू हुई छापामार कार्रवाई को बुधवार को भी जारी रखा। कार्रवाई का मुख्य फोकस गुर्जर मोहल्ला और द्वारिका कॉलोनी रहा, लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में भी जांच की गई। टीम के निशाने पर राजनीतिक दल से जुड़े लोग, कारोबारियों के ठिकाने और वित्तीय संस्थानों से जुड़े कार्यालय रहे।
फिल्म प्रोडक्शन कंपनी से जुड़ा लेन-देन
द्वारिका कॉलोनी में रहने वाले एक राजनीतिक दल के प्रवक्ता के घर पर की गई कार्रवाई में 50 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन के दस्तावेज सामने आए। प्रारंभिक जांच में यह लेन-देन किसी फिल्म प्रोडक्शन हाउस से जुड़ा होने की आशंका जताई है। विभाग के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह रकम चुनावी चंदे, प्रोडक्शन फाइनेंसिंग या अन्य किसी माध्यम से प्रवाहित हुई।
डायमंड व्यापारी की तलाश जारी
गुर्जर मोहल्ला में एक डायमंड व्यापारी के ठिकाने पर भी टीम ने दबिश दी। व्यापारी के घर नहीं मिलने पर पूरी टीम दिनभर मकान पर डटी रही। विभागीय सूत्रों का कहना है कि व्यापारी आस-पास ही छिपा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि, वह जितना भागने की कोशिश करेगा, उतना ही नुकसान में रहेगा। घर पर काम करने वाली महिला से भी कड़ी पूछताछ के बाद घंर के अंदर प्रवेश दिया गया है। पुलिसकर्मी उस पर भी निगाह रखे हुए हैं।
मुम्बई से भी जुड़ा मामला
भीलवाड़ा के साथ मुम्बई में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकाने पर भी छापामारी हुई। वहां से मिले दस्तावेजों में आयकर विभाग को बड़ा सुराग मिला है। दस्तावेजों के अनुसार मुम्बई से भीलवाड़ा की विभिन्न संस्थाओं के खातों में 400 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है। इनमें से एक ही संस्था में दो बार 50-50 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। विभाग का मानना है कि यह रकम हवाला चैनल या फर्जी कंपनियों के जरिए घुमाई गई है।
कई ठिकानों पर पूरी हुई कार्रवाई
आयकर विभाग ने मंगलवार को भीलवाड़ा शहर में एक साथ 15 ठिकानों पर दबिश दी थी। इनमें से अधिकांश जगहों पर कार्रवाई पूरी कर ली गई है, लेकिन बुधवार देर शाम तक दो ठिकानों पर छापामारी जारी थी। यह मामला अब राज्य भर में सुर्खियों में है और विभाग की कार्रवाई अगले कुछ दिनों तक और गहराने की संभावना है।
और भी खुलासे होने की संभावना
भीलवाड़ा की यह कार्रवाई सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ माना जा रहा है। आयकर विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े नाम इस कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। विभाग को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर राजनीतिक वित्त पोषण, हवाला कारोबार और फर्जी कंपनियों का बड़ा जाल सामने आएगा।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु