भीलवाड़ा

अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त 252 बेड खाली

सिलेण्डर खाली नहीं मिलने पर 5 घंटे बन्द रखना पड़ा प्लांटऑक्सीजन सिलेण्डर को लेकर अब नहीं है मारा-मारी
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Updated: 20 May 2021, 9:03 AM IST
अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त 252 बेड खाली
अस्पतालों में ऑक्सीजनयुक्त 252 बेड खाली

भीलवाड़ा।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट होनी शुरू हो गई है। इसका परिणाम यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग कोरोना से जंग जीतने लगे हैं। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की संख्या में भी कमी आने से अस्पताल के बेड भी खाली नजर आने लगे है। कोविड वार्ड अब पहले की तरह फुल नहीं हो रहा है। अस्पतालों में २८२ बेड खाली पड़े है। इसके चलते ऑक्सीजन खपत में भी कमी आई है। प्रतिदिन २ हजार सिलेण्डर की खपत थी वही अब १४०० सिलेण्डर से ही काम चल रहा है। खाली सिलेण्डर नहीं मिलने के कारण मंगलवार को ग्रोथ सेन्टर स्थित ऑक्सीजन प्लांट को ५ घंटे बंद रखना पड़ा। प्लांट पर भी आसानी से काम हो रहा है।
इन अस्पातलों में है खाली बेड
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि बुधवार तो शहर के १२ अस्पतालों में २८२ बेड खाली पड़े थे। इनमें ३ वेंटिलेटर तथा २७९ ऑक्सीजनयुक्त बेड शामिल है। इनमें एमजीएच में ऑक्सीजनयुक्त १८ व वेंटिलेटर के ३, सोनी अस्पताल ३९, अरिहन्त चिकित्सालय १८, बृजेश बांगड़ ३९, कृष्णा हॉस्पिटल १९, केशव पोरवाल ३१, रामस्नेही चिकित्सालय ५५, सिद्धी विनायक ९, आयुष चिकित्सालय १८, अम्बेश ९ तथा टीबी अस्पताल में २४ बेड खाली है।
पांच घंटे बंद रहा प्लांट
ग्रोथ सेन्टर स्थित सांवरिया गैस प्लांट के प्रबन्धकों का कहना है कि ऐसे तो प्लांट २४ घंटे चल रहा है। लेकिन कुछ दिनों से ऑक्सीजन सिलेण्डर की ज्यादा मांग नहीं रही है। अस्पातल में मरीज की संख्या भी कम है। इसके कारण सिलेण्डर की खपत भी कम हो रही है। वही १५० से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अस्पतालों में चलने से प्रतिदिन १५० से अधिक सिलेण्डर की खपत कम हो गई है। मंगलवार को खाली सिलेण्डर नहीं मिलने से प्लांट को ५ घंटे तक बंद रखना पड़ा। हालांकि थोड़ी-थोड़ी देर में १०-२० खाली सिलेण्डर आने लग गए थे। एक साथ सौ सिलेण्डर होने पर ही प्लांट का संचालन शुरू किया।

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