भीलवाड़ा जिले के पेट्रोल पंप संचालकों और संबंधित तेल कंपनियों पर श्रम विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपश्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने निर्माण से संबंधित उपकर (सेस) राशि जमा नहीं कराने पर कड़ा रुख अपनाते हुए 68 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के पंप […]
भीलवाड़ा जिले के पेट्रोल पंप संचालकों और संबंधित तेल कंपनियों पर श्रम विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपश्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने निर्माण से संबंधित उपकर (सेस) राशि जमा नहीं कराने पर कड़ा रुख अपनाते हुए 68 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के पंप संचालकों में हड़कंप मच गया है। तय समय सीमा के भीतर सेस जमा नहीं कराने की स्थिति में विभाग न केवल एक तरफा कार्रवाई करेगा, बल्कि भारी-भरकम पेनल्टी और ब्याज भी वसूलेगा।
विभाग की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में पेट्रोल पंप मालिकों और कंपनियों को निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में दस्तावेज या सेस की राशि जमा नहीं की जाती है, तो विभाग एक पक्षीय उपकर निर्धारण आदेश जारी कर देगा।
सोलंकी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार सेस राशि देय होने की अवधि में जमा नहीं कराने पर नियोजक पर 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज वसूला जाएगा। इतना ही नहीं, यदि नियत समय में भुगतान नहीं हुआ तो 100 प्रतिशत पेनल्टी भी लगाई जाएगी। यह नोटिस 27 जुलाई 2009 के बाद भीलवाड़ा जिले में निर्मित नए पेट्रोल पम्पों को जारी किए है। नोटिस की अवधि बीतने के बाद भी यदि बकाया जमा नहीं होता है, तो श्रम विभाग नियत राशि पर ब्याज और पेनल्टी लगाकर वसूली की फाइल जिला कलक्टर को भेज देगा। इसके बाद प्रशासन सख्त कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से वसूली सुनिश्चित करेगा।