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5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा: लापरवाही पर गिरेगी गाज, सत्रांक अपलोड नहीं हुए तो संस्था प्रधान होंगे जिम्मेदार

प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (कक्षा 5) और प्रारंभिक शिक्षा […]

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5th-8th board exams: Negligence will be punished, institution heads will be held responsible if session numbers are not uploaded.

5th-8th board exams: Negligence will be punished, institution heads will be held responsible if session numbers are not uploaded.

प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (कक्षा 5) और प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा (कक्षा 8) के सत्रांक (सेशनल मार्क्स) ऑनलाइन पोर्टल पर भरने की अंतिम तिथि 6 मार्च निर्धारित की गई है। विभाग ने जिले के सभी राजकीय, गैर-राजकीय, मदरसा एवं पंजीकृत विद्यालयों के संस्था प्रधानों को अल्टीमेटम जारी करते हुए 6 मार्च तक हर हाल में सत्रांक प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

100 अंकों में सत्रांक दर्ज करना अनिवार्य

जारी निर्देशों के अनुसार अनिवार्य विषयों के लिए 20 अंकों के आधार पर और अन्य विषयों के लिए 100 अंकों के आधार पर सत्रांक पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। यदि किसी भी विद्यार्थी के अंक समय पर अपलोड नहीं होते हैं और उसका परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है या वह परिणाम से वंचित रहता है, तो इसकी सीधी जवाबदेही संबंधित स्कूल के संस्था प्रधान की मानी जाएगी और उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पोर्टल संबंधी बाधा का तर्क स्वीकार नहीं

अक्सर स्कूल प्रशासन अंतिम समय में तकनीकी समस्या या सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर समय सीमा बढ़ाने की मांग करते हैं। इस पर विभाग ने पहले ही रुख साफ कर दिया है कि बाद में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या नेटवर्क दिक्कत का तर्क स्वीकार नहीं होगा। पोर्टल संबंधी बाधा की दुहाई देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकेगा। विभाग की इस सख्ती के बाद अब जिले भर के स्कूलों में सत्रांक प्रविष्टि को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है और सभी की नजरें 6 मार्च की डेडलाइन पर टिकी हैं।