कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुजरना पड़ा अभ्यर्थियों को
शिक्षक बनने की पहली सीढ़ी के रूप में प्री डीएलएड की परीक्षा रविवार को शांतिपूर्वक हुई। भीलवाड़ा मुख्यालय सहित मांडल में 33 केंद्रों पर परीक्षा हुई। जिला समन्वयक डॉ.सावन कुमार जांगीड़ ने बताया कि जिले में कुल 20 हजार 743 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। उनमें से 19 हजार 730 ने यह परीक्षा दी और 1924 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। यानी 95.11 प्रतिशत ने परीक्षा दी। परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों में महिलाओं व युवतियों की अच्छी खासी तादाद में शामिल रही। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश देने से पहले सभी अभ्यर्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से गुजरना पड़ा। कान, नाक व हाथ में पहने गहने उतरवा दिए गए। गले में पहने धागे को कैंची से काट दिया गया।
जांगीड़ ने बताया कि पहली पारी में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा हुई। इसमें 10 हजार 357 में से 9344 ने परीक्षा दी जबकि 1013 अनुपस्थित रहे। यानी 90.21 प्रतिशत ने परीक्षा दी। इसी प्रकार दूसरी पारी दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक हुई। इसमें 10 हजार 386 में से 9475 ने परीक्षा दी तथा 911 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 91.22 प्रतिशत ने परीक्षा दी। कुल मिलाकर 95.11 प्रतिशत ने परीक्षा दी है। सेंटरों के बाहर न छाया थी और ना ही पीने के पानी की व्यवस्था थी। इसके कारण लोग पानी के लिए इधर-उधर धूमते नजर आए।