
Surya Aaradhana: Thousands of students worshipped the Sun together, creating a unique aura
शनिवार की सुबह जिले के शैक्षणिक जगत में एक अलग ही ऊर्जा और आभा लेकर आई। शहर से लेकर गांव की ढाणियों तक, सरकारी हो या निजी विद्यालय, हर तरफ एक ही दृश्य नजर आया। उगते सूरज की पहली किरण के साथ ही जिले भर के हजारों विद्यार्थियों ने जब एक लय और ताल में 'सूर्य नमस्कार' किया, तो अनुशासन और योग की एक भव्य तस्वीर उभरकर सामने आई।
प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित इस महाअभियान में नौनिहालों ने प्रखर होती धूप के बीच 'ॐ मित्राय नमः' और 'ॐ आदित्याय नमः' के उद्घोष के साथ सूर्य देव की आराधना की। शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल विद्यार्थियों ने, बल्कि शिक्षकों और संस्था प्रधानों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रार्थना की घंटी बजते ही मैदानों में कतारबद्ध खड़े विद्यार्थियों ने अनुशासित होकर सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं का अभ्यास किया। प्रणामासन से शुरू होकर हस्तउत्तानासन, पादहस्तासन और भुजंगासन जैसी क्रियाएं करते हुए बच्चों ने शारीरिक और मानसिक एकाग्रता का परिचय दिया। कई स्कूलों में पीटीआई मंच से निर्देश देते रहे और विद्यार्थी उनका अनुसरण करते नजर आए।
जिले के प्रमुख सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधानों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और विज्ञान का अनूठा संगम है। इससे विद्यार्थियों में न केवल शारीरिक बल बढ़ता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और अनुशासन का भी विकास होता है।
शहर के बड़े निजी स्कूलों और सरकारी खेल मैदानों में जब हजारों बच्चों ने एक साथ हाथ जोड़े और आकाश की ओर देखा, तो दृश्य अत्यंत विहंगम बन गया। एक ही रंग की गणवेश में कतारबद्ध बच्चों की ओर से एक साथ मुद्राएं बदलना अनुशासन की मिसाल पेश कर रहा था।
यह कार्यक्रम भी हुआ
मतदाता दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन रविवार को अवकाश होने से जिले भर की स्कूलों में शनिवार की ही मतदाता दिवस की शपथ दिलाइ गई। वही 18 वर्ष के होने वाले छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
Published on:
24 Jan 2026 08:18 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
