भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन, विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा
विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा है। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों आंगनबाड़ी बहनों ने कलक्ट्रेट के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का शीघ्र निस्तारण नहीं होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान संघ की जिलाध्यक्ष रजनी शक्तावत ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवाएं देने के बावजूद आंगनबाड़ी कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली बीमा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर अधिकारियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है। इसके कारण सेवानिवृत्त बहनों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ की महामंत्री कमलेश हाडा ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवा में स्थायी किया जाए। काम करने की सेवानिवृत्ति आयु सीमा को बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए। कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 13,500 रुपए प्रतिमाह किया जाए। विभाग स्तर पर अटकी अन्य सभी लंबित समस्याओं का तुरंत प्रभाव से समाधान हो। प्रदेश विधि सलाहकार प्रभाष चौधरी तथा जिला मंत्री हरीश सुवालका ने सरकार को चेताया कि आंगनबाड़ी बहनों की जायज मांगों पर समय रहते उचित निर्णय लिया जाना चाहिए। मजदूर नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों को पूरा नहीं किया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
भीलवाड़ा. औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने और 'सस्टेनेबल' (टिकाऊ) उत्पादन प्रक्रिया अपनाने में धुंवालिया स्थित प्रोसेस हाउस ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के निर्धारित मानदंडों की शत-प्रतिशत पालना और नवाचार की इस अनूठी पहल के लिए कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने इकाई को सम्मानित किया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों का मूल्यांकन किया गया था। इसमें यह देखा गया कि कौनसी इकाई प्रदूषण नियंत्रण के नियमों और पर्यावरण सुरक्षा के मापदंडों पर सबसे अधिक खरी उतर रही है। इस प्रक्रिया में एक प्रोसेसर्स को जिले में सर्वश्रेष्ठ आंका गया और प्रथम स्थान के लिए चुना गया। इस पर कलक्टर संधू ने इकाई के निदेशक विनोद कुमार दुरतकर को यह सम्मान सौंपा। कलक्टर ने औद्योगिक उत्पादन के साथ पर्यावरण हितैषी तकनीकी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की।