
सरकारी स्कूलों में अब एआई परखेगा बच्चों की अंग्रेजी, 4 से 7 मई तक ओरल रीडिंग फ्लुएंसी टेस्ट
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की अंग्रेजी सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नवाचार किया है। अब प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों का ओरल रीडिंग फ्लुएंसी (मौखिक पठन प्रवाह) टेस्ट लिया जाएगा। खास बात यह है कि यह आकलन वाधवानी एआई की तकनीक के सहयोग से 4 से 7 मई के बीच होगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों (स्कूल शिक्षा) को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए है। आदेश के अनुसार अंग्रेजी विषय में बच्चों के पढ़ने के कौशल को बेहतर बनाने के लिए विभाग की ओर से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। इसके आशातीत परिणाम मिलने के बाद अब इसे वर्तमान सत्र से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में वृहद स्तर पर लागू किया जा रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा आकलन शिक्षकों की ओर से शाला दर्पण शिक्षक ऐप के ओआरएफ मॉड्यूल के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सभी अधीनस्थ शिक्षकों को इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी देने और समय पर आकलन संपन्न करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
असेसमेंट प्रक्रिया को निर्बाध रूप से चलाने के लिए विभाग ने सख्त डेडलाइन तय की है। सभी स्कूलों को 1 मई तक सब्जेक्ट टीचर मैपिंग का काम अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। अगर यह मैपिंग नहीं हुई तो शाला दर्पण ऐप पर ओआरएफ मॉड्यूल काम नहीं करेगा। निदेशक ने सख्त हिदायत दी है कि निर्धारित तिथि तक मैपिंग नहीं होने या आकलन में कोई भी बाधा आने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पीईईओ और यूसीईईओ की तय की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न विषयों के प्राध्यापकों (व्याख्याताओं) को बड़ी राहत दी है। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) में चयनित कार्मिकों के यथास्थान कार्यग्रहण की अंतिम तिथि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है। अब ये शिक्षक 30 अप्रेल तक कार्यग्रहण कर सकेंगे। पूर्व में इसके लिए 23 अप्रेल की डेडलाइन तय की थी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने आदेश जारी किए हैं।
कम समय के चलते बढ़ाई गई तिथि
पूर्व में 20 अप्रेल को जारी आदेशों के तहत इन पदोन्नत शिक्षकों को 23 अप्रेल तक अपने यथास्थान पर कार्यग्रहण करने के निर्देश दिए थे। शिक्षकों को जॉइनिंग के लिए बेहद कम समय मिला था। इसके चलते कई कार्मिक तय समय सीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे थे। शिक्षकों की इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए निदेशालय ने कार्यग्रहण की तिथि 30 अप्रेल तक बढ़ाने का फैसला लिया है। निदेशक की ओर से जारी आदेश में केवल कार्यग्रहण की तिथि नहीं बढ़ाई गई है, बल्कि तकनीकी प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। आदेशानुसार विभागीय शाला दर्पण पोर्टल पर दिए गए नए टैब में ऑफलाइन कार्यग्रहण प्रविष्टि की अंतिम तिथि भी 30 अप्रेल निर्धारित की है। संस्था प्रधानों और संबंधित अधिकारियों को तय समय में यह प्रविष्टि सुनिश्चित करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तिथि बढ़ने के अलावा मूल आदेश की शेष शर्तें पूर्व की भांति यथावत रहेंगी। निदेशालय के इस आदेश से प्रदेशभर के उन हजारों शिक्षकों ने राहत की सांस ली है, जो हाल ही में डीपीसी के माध्यम से प्राध्यापक पद पर चयनित हुए हैं। तय समय में कार्यग्रहण को लेकर बनी ऊहापोह की स्थिति अब इस आदेश के बाद स्पष्ट हो गई है।
Published on:
25 Apr 2026 08:38 am
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
