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भीलवाड़ा।
लम्बे समय के बाद आखिर भीलवाडा नगर परिषद सभापति ललिता समदानी व तत्कालीन परिषद आयुक्त रामसिंह पालावत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर ही लिया। इस प्रकरण के साथ ही भारतीय जनता पार्टी से निलम्बित सभापति समदानी की राजनीतिक के साथ ही कानूनी मुश्किलें भी बढती नजर आ रही है। सभापति समदानी के खिलाफ नगर परिषद के मोबाइल एेप व घर—घर से कचरा एकत्र करने वाले (ऑटोटीपर) की खरीद में अनियमितता बरतने को लेकर दो परिवाद पहले से ब्यूरो में जांच के दायरे में हैं।
यह है आरोप
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ब्यूरो) राजेश गुप्ता ने बताया कि शास्त्रीनगर कांवाखेड़ा चौराहा निवासी राजेशसिंह सिसोदिया ने एसीबी के समक्ष परिवाद सभापति समदानी व तत्कालीन आयुक्त पालावत आदि के खिलाफ पेश किया था। इसमें आरोप लगाया गया कि परिषद ने वार्ड-36 में शिवराम पुलिस वाले से राजमल खटीक तक सीसी सड़क निर्माण स्वीकृत किया, लेकिन आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ सम्पत्ति ट्रस्ट के उपासना स्थल जैन दादाबाड़ी की चारदीवारी के भीतर सड़क निर्माण करवा दिया। परिवादी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्य निजी सम्पत्ति के भीतर निर्माण कराने से परिषद को करीब पांच लाख तीस हजार रुपए का नुकसान हुुआ।
सही पाए गए आरोप
गुप्ता ने बताया कि परिवाद की जांच निरीक्षक शिवप्रकाश टेलर ने की। आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए। इस पर एसबी ने सभापति व तत्कालीन आयुक्त पालावत व अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। समदानी व अन्य के खिलाफ मोबाइल एेप व ऑटोटीपर की खरीद में पद का दुरुपयोग कर अनियमितता बरतने के दो परिवाद पहले से जांच के दायरे में हैं।
पार्टी अध्यक्ष बोले— कानून का विषय
भाजपा जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल का कहना है कि सभापति के खिलाफ एसीबी में दर्ज प्रकरण कानून का विषय है, पार्टी अनुशासनात्मक मामले में पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। सवाल अगली कार्रवाई का है, तो वह सरकार ही तय करेगी। दूसरी ओर सभापति समदानी के कॉल रिसीव नहीं करने से उनके खिलाफ दर्ज हुए मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।