भीलवाड़ा

प्रदेश के इकलौते टेक्सटाइल कॉलेज ने दिलाई इस साल पूरे विद्यार्थियों को नौकरी, प्लेसमेंट कैंप में गुजरात व पंजाब से आई कंपनियां

प्रदेश के एकमात्र एमएलवी टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कॉलेज में इस साल टेक्सटाइल की तीनों ब्रांचों में सभी स्टूडेंट्स को नौकरी मिल गर्ई
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All the students three branches textile got job in bhilwara
All the students three branches textile got job in bhilwara

जसराज ओझा. भीलवाड़ा।

प्रदेश के एकमात्र एमएलवी टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कॉलेज में इस साल टेक्सटाइल की तीनों ब्रांचों में सभी स्टूडेंट्स को नौकरी मिल गर्ई है। एमएलवी टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से जारी वर्ष 2017-18 की प्लेसमेंट रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।


इसमें बताया कि टेक्सटाइल टेक्नॉलोजी, टेक्सटाइल केमेस्ट्री व टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में इस साल जितने स्टूडेंट्स प्लेसमेंट कैंप में आए, वे सभी चयनित हुए। खास बात है कि प्लसमेंट कैंप के लिए भी सभी नामी कंपनियां आई है। इन स्टूडेंट्स को साढ़े तीन लाख रुपए सालाना का अधिकतम पैकेज मिला है। हालांकि अन्य ब्रांचों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है।

पंजाब और गुजरात से भी आई कंपनियां
एमएलवी टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग कॉलेज के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अरविंद वशिष्ठ ने बताया, इस बार पंजाब, गुजरात, दमन, मुंबई, फरीदाबाद आदि शहरों से कंपनियां आई है। इन्होंने एक लाख 80 हजार से 3.40 लाख रुपए सालाना तक का पैकेज दिया है।

इंजीनियरिंग में 10 में से 7 बच्चे ही पात्र
कॉलेज की प्लेसमेंट रिपोर्ट में चिंताजनक बात सामने आई है कि जितने बच्चे पंजीकृत थे, उसके आधे ही प्लेसमेंट कैंप में बैठने के पात्र हैं। वर्ष 2017-18 में टेक्नोलॉजी में 136 बच्चे पंजीकृत थे, इसमें से कैंप के लिए पात्र 86 ही निकले। इसी तरह केमेस्ट्री में 48 में से 38 तथा इंजीनियरिंग में दस में से सात बच्चे कैंप के लिए पात्र थे।

कॉलेज में इतनी सीटें
भीलवाड़ा के टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग कॉलेज में टेक्नोलॉजी में 120, केमेस्ट्री में 40 तथा इंजीनियरिंग में 40 सीटें है। इनमें करीब 20 फीसदी लड़कियां आती है। राजस्थान का एकमात्र टेक्सटाइल कॉलेज है। यूपी, हरियाणा, कानपुर व गुजरात में भी टेक्सटाइल कॉलेज हैं।

तीन साल का लेखा-जोखा
ब्रांच 2015-16 2016-17 2017-18
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी 81.08 89.65 100
टेक्सटाइल केमेस्ट्री 94.44 84.8 100
टेक्सटाइल इंजीनियरिंग 50 75 100

Published on:
15 Jul 2018 03:38 pm