भीलवाड़ा

गणेश प्रतिमाओं को निखारने के लिए बाहर से आए कलाकार

गणेश चतुर्थी 10 सितम्बर को, इस बार भी ज्यादा आयोजन होने के आसार नहीं

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Aug 31, 2021
गणेश प्रतिमाओं को निखारने के लिए बाहर से आए कलाकार

भीलवाड़ा।
कोरोना संकट कम हुआ तो माटी के कलाकारों में फिर से उत्साह देखने को मिल रहा है। कोरोना व लॉकडाउन के कारण पिछले साल गणेश प्रतिमाओं में बंगाली कला के जादू से प्राण फूंकने वाले कलाकार भीलवाड़ा नहीं आ सके थे। इस बार घरों में पूजा के लिए प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कलाकार आ गए हैं। उन्होंने प्रतिमाओं को आकार देना शुरू कर दिया है। कलाकारों को फिलहाल बड़ी प्रतिमाओं के ऑर्डर मिलना शुरू नहीं हुए हैं। हालांकि गणेश चतुर्थी १० सितम्बर को है। ऐसे में अभी दस दिन का समय भी है। सरकार की गाइड लाइन क्या रहती है। इसका भी प्रशासन इंतजार कर रहा है। लेकिन जिला प्रशासन पहले से ही कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए सख्ती के साथ पालना कराने में लगा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे रोजगार की आस में करीब 8 से 10 मूर्तिकार अपने सहयोगियों के साथ आते हैं। वह जून-जुलाई में भीलवाड़ा आ जाते हैं, लेकिन पिछले साल जो कलाकार जल्दी आ गए थे, वही यहां रहे, शेष कोरोना व लॉकडाउन के कारण नहीं आ सके।
मूर्तिकार बताते हैं इस बार कई लोग आए हैं। अभी ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। इससे छोटी प्रतिमाएं बना रहे हैं।ढाई से तीन हजार प्रतिमाएं करते हैं तैयारशहर व आस-पास के क्षेत्रों में प्रतिमाओं को लेकर इतना क्रेज है कि यहां करीब ढाई से तीन हजार बड़ी-छोटी प्रतिमाएं तैयार होती हैं। लोग ढाई से तीन फीट से लेकर 12 से 13 फीट तक देवी व गणेश प्रतिमाएं बनवाते हैं। प्रतिमा की ऊंचाई व स्वरूप को देखते हुए दो हजार से 5 हजार तक खर्च कर लोग प्रतिमाएं बनाते हैं। भीलवाड़ा के अलावा आस-पास के जिले व कस्बों में भी अब प्रतिमाएं भेजी जाती हैं।
ऐसा रहता है उत्साह
शहर में गणेश चतुर्थी व नवरात्र में घर, चौराहे, गली-मौहल्लों व मंदिरों में विभिन्न स्वरूपों में गणपति व देवी की प्रतिमाओं की स्थापना होती है। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेश महोत्सव की धूम होती है। हर दिन धार्मिक व सामाजिक आयोजन होते हैं। समापन पर झांकी, अखाड़ों के साथ जुलूस निकाला जाता है। गत वर्ष कोरोना के कारण महोत्सव के तहत कोई भी आयोजन नहीं हुए थे और इस बारे में नहीं होंगे। गणेश उत्सव एवं प्रबन्ध सेवा समिति के अध्यक्ष उदयलाल समादनी ने बताया कि इस बार भी सरकार की कोई गाइड लाइन नहीं होने से गणेश प्रतिमाएं बनाने के लिए बाहर से कलाकारों को नहीं बुलाया है। हालांकि शहर में कई लोग बाहर से आकर गणेश प्रतिमाएं बनाने में लगे है।

Published on:
31 Aug 2021 08:02 am
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