भीलवाड़ा

कुरकुरे समझ कर खाई चूहे मारने की दवा, भाई की मौत, बहन अचेत

घटना के समय पानी लेने गई थी बच्चों की मां

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खेरूणा गांव में कुरकुरे समझ कर चूहे मारने की दवा खाने से भाई की मौत हो गई तथा बहन अचेत हो गई

अमरगढ़।

शक्करगढ़ क्षेत्र के खेरूणा में शुक्रवार रात चूर्ण या कुरकुरे समझ मासूम भाई-बहन ने चूहे मारने की दवा खा ली। हालत बिगडऩे पर दोनों को महात्मा गांधी अस्पताल भर्ती कराया गया। यहां भाई की मौत हो गई जबकि बहन भर्ती है।

थानाप्रभारी गिरवरसिंह के अनुसार खेरूणा के बाबूलाल मीणा का पांच साल का पुत्र आदित्य व तीन साल की बेटी अनुष्का रात में घर में खेल रहे थे। बच्चों की मां निकट से पानी लेने गई थी। खेल-खेल में बच्चों ने चूर्ण या कुरकुरे समझ कर ताक में रखी चूहे मारने की दवा खा ली। मां पानी लेकर लौटी तो दोनों अचेत मिले। इनके मुंह से झाग निकल रहे थे। यह देखकर मां चीखी तो पड़ोसी दौड़कर आए। दोनों बच्चों को देर रात एमजीएच लाया गया। यहां आदित्य ने दम तोड़ दिया जबकि अनुष्का को भर्ती कर लिया गया। परिजनों ने शनिवार को पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया। बिना पोस्टमार्टम के शव को ले गए।

बच्चों के मुंह से झाग निकलते देख मां चिल्लाई
बच्चों की मां पास में पानी लेने गई थी। बच्चों ने चूर्ण या कुरकुरे समझ कर ताक में रखी चूहे मारने की दवा खा ली। मां पानी लेकर लौटी तो दोनों अचेत मिले। इनके मुंह से झाग निकल रहे थे। यह देखकर मां चीखी तो पड़ोसी दौड़कर आए। पड़ौसियों ने बच्चों को तुरंत चिकित्सालय पहुंचाया।

ताक मेें रखी थी चूहे मारने की दवा
खेल-खेल में बच्चों ने चूर्ण या कुरकुरे समझ कर ताक में रखी चूहे मारने की दवा खा ली। दवा खाने के बाद दोनों बच्‍चे अचते हो गए। मां पानी लेकर लौटी तो दोनों बच्चे अचेत मिले। इनके मुंह से झाग निकल रहे थे। यह देख मां की तो जैसे दुनिया ही लुट गई। वह मदद के लिए चिल्लाई।

Published on:
24 Sept 2017 07:31 pm
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