
भीलवाड़ा. अजमेर एटीएस और पुर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चित्तौडग़ढ़ रोड स्थित एक होटल पर दबिश दी। यहां बड़ी मात्रा में बॉयो डीजल जब्त किया। ऑयल से भरा टैंकर भी खड़ा मिला। रसद विभाग ने ऑयल बरामद कर सैम्पल लिया है। इस सम्बंध में रसद विभाग ने पुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम में मामला दर्ज कराया है। जब्त ऑयल इण्डस्ट्रीयल फ्यूल ऑयल के नाम से जाना जाता है। औद्योगिक इकाइयों में इसका उपयोग होता है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
पुर थाना प्रभारी मुकेश वर्मा ने बताया कि एसटीएस में निरीक्षक रोडमल को सूचना मिली थी कि चित्तौडग़ढ़ रोड पर आटूण स्थित सरपंच होटल में अवैध रूप से हजारों लीटर केमिकल युक्त पदार्थ संग्रहण कर रखा है। एक टैंकर भी यहां खाली होने आया है। सूचना पर पुर पुलिस ने एटीएस और रसद विभाग के निरीक्षक अमरेन्द्र मिश्र के साथ दबिश दी। टीम ने दबिश दी तो वहां टैंकर खड़ा मिला। उसमें चार भागों में करीब १८ केएल ऑयल मिला। मौके पर जांच करने पर धर्मराज पैटोकेमिकल्स का बिल मिला। जिसमें शनि देव इंटरप्राइजेज के नाम २० केएल का आईएफओ (इण्डस्ट्रीयल फ्यूल ऑयल) भरा था। पुलिस ने मौके पर सरपंच होटल के मालिक अशोक चौधरी को बुलाया। चौधरी ने बताया कि होटल परिसर किराए पर दे रखा है। इसके उन्होंने दस्तावेज भी पेश किए। बायोडीजल एवं ऑयल के व्यापार के लिए किराए पर दी है। पुलिस ने धर्मराज पैटोकेमिकल्स संचालक से बात की तो उसने टैंकर में भरा ऑयल शनि देव इंटरप्राइजेज को भेजने की बात कही। यह ऑयल इण्डस्ट्रीज में फ्यूल के रूप में काम में लिया जाता है। होटल की तलाशी पर वहां भूमिगतसात ड्रमों में ५८० लीटर तरल पदार्थ का भण्डारण पाया गया। पुलिस को आशंका है कि शनि देव इंटरप्राइजेज द्वारा ऑयल की अवैध रूप से बेचान कर सकता है। होटल से सटी दीवार के निकट मोटर भी मिली। इसकी पाइप लाइन को खुदवाने पर वहां भी भूमिगत टैंक पाया गया। रसद विभाग ने ऑयल का सैम्पल लिया। शनि देव इंटरप्राइजेज का मालिक मौके पर नहीं मिला। रसद विभाग ने अवैध रूप से तरल पदार्थ का भण्डारण एवं उसका डीजल के रूप में उपयोग करने की आशंका पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में मामला दर्ज कराया।