
भीलवाड़ा. नगर विकास न्यास (uit ) ने भूखंडों की नीलामी की शर्तो में व्यापक बदलाव किया है, इसके पीछे न्यास का तर्क है कि नीलामी की नई व्यवस्था से न्यास का राज कोष बढ़ेगा और आमजन (public ) को भी सीधा फायदा मिलेगा। शर्तों में बदलाव से भूखंडों की नीलामी ( auction) में अब बोलीदाता के नहीं होने की उपस्थिति में उसका प्रतिनिधि भी शामिल हो सकेगा। इसी प्रकार नीलामी की अन्य शर्तों में भी बदलाव कर बोली दाताओं को राहत दी गई है। न्यास के करीब दो अरब रुपए के कीमत के भूखंडों की दो दिवसीय नीलामी बुधवार से न्यास सभागार में शुरू हुई है।
ये रही अब शर्ते
न्यास खाली होते खजाने को भूखंडों को नीलाम कर भरने की मुहिम में जुटा है। इसी के तहत बुधवार सुबह १० बजे से न्यास सभागार में शहर की सात ऑवासीय कॉलोनियों के साथ ही प्रमुख मार्गो पर व्यवसायिक भूखंडों की नीलामी करेगा। भूखंडों के नीलामी प्रभारी अधिशासी अभियंता रविश श्रीवास्तव ने बताया कि नीलामी की शर्तों में आंशिक संशोधन किया गया है। पहले बोलीदाता के द्वारा ही बोली लगाने का अधिकार था, अब उसका प्रतिनिधी भी अधिकार पत्र से बोली लगा सकेगा। इसी प्रकार पहले अमानत राशि अलग-अलग थी, अब सभी के लिए अमानत राशि एक समान एक लाख रुपए रखी गई है। पहले दुकानों में छज्जे का अधिकार नपज का था अब बोलीकर्ता का होगा, पहले बोली छूटने पर एक चौथाई राशि उसी दिन जमा करवानी होती थी, अब ७२ घंटे के अंदर जमा करवाना होगा