भीलवाड़ा

आयुष प्रोजेक्ट 31 को होगा बंद

अवधि बढ़ाने की मांग
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Updated: 28 Oct 2020, 10:31 PM IST
Ayush Project 31 will be closed in bhilwara
Ayush Project 31 will be closed in bhilwara

भीलवाड़ा।
केंद्र की एपीसीडीए कार्यक्रम के तहत भीलवाड़ा सहित तीन जिलों में पांच साल पहले शुरू पायलट प्रोजेक्ट ३१ अक्टूबर को पूरा हो रहा है। इसमें एक छत के नीचे आयुर्वेद, आयुष व प्राकृतिक चिकित्सा विधा से रोगोपचार की सुविधा है। आयुष मंत्रालय के निर्णय से यहां उपचाररत हजारों लोगों को अन्य आयुर्वेद औषधालयों का रूख करना पड़ेगा। जिले में कार्यरत 161 चिकित्सक व अन्य कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। आयुष स्टाफ यूनियन प्रोजेक्ट की अवधि आगे बढ़ाने की मांग की। यूनियन के जिलाध्यक्ष डॉ. शिवशंकर राड, डॉ.रोहिताश शर्मा. डॉ. कविता शर्मा ने प्रधानमंत्री के नाम इस बारे में ज्ञापन दिया।
आयुष मंत्रालय व सीसीआरएस की ओर से भीलवाड़ा, बिहार के गया और गुजरात के सुरेन्द्रनगर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इनमें आयुर्वेद पद्धति से डायबिटीज, बीपी, मोटापा, कैंसर, पक्षाघात का आयुर्वेद व योग पद्धति से उपचार व निदान किया जा रहा है।
एमजीएम में केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद येस्लो नाइक ने 17 फरवरी 2016 को पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। अब तक जिले के करीब 15 लाख मरीजों को लाभ मिज चुका। संगठन के बंटू कुमार के अनुसार प्रोजेक्ट से जुड़े डॉक्टरों, कर्मियों ने कोरोना काल में स्क्रीनिंग और आइसोलेशन वार्ड में सेवा दी। योग अनुदेशक उमाशंकर शर्मा ने कोरोना वार्ड में संक्रमितों को योगाभ्यास कराया।

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