- बड़ा सवाल: अवैध बजरी पर पुलिस...खनिज विभाग....नेताओं की चुप्पी क्यों? - पत्रिका टीम को देख गेंदलिया में भागे ट्रैक्टर व जेसीबी चालक, 100 से अधिक वाहनों में भरी रही थी - भाजपा विधायक ही अवैध खनन व बजरी पर उठा रहे सवाल
bhilwara news : भीलवाड़ा जिले में बनास नदी में एक भी बजरी की लीज नहीं है। इसके बावजूद जिलेभर के अलावा मध्यप्रदेश तक बनास नदी में अवैध बजरी का खुलेआम खेल खेला जा रहा है। मजेदार बात यह है कि भाजपा की सरकार में सत्तारूढ़ विधायक ही अवैध खनन व बजरी के अवैध दोहन को लेकर सवाल उठा रहे है। जिले के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंदलिया गांव के निकट से गुजर रही बनास नदी का सीना छलनी कर अंधाधुंध बजरी दोहन की सूचना पर पत्रिका टीम मंगलवार सुबह वहां पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले सूचना बजरी माफिया तक पहुंच गई। नदी में 100 से अधिक ट्रैक्टरों में बेखौफ होकर जेसीबी की मदद से बजरी भरी जा रही थी। टीम को देखकर कई ट्रैक्टर चालक बजरी वहीं खाली करके भाग निकले। इस भागमभाग में कुछ ट्रैक्टर ट्रॉली का अगला तो कुछ का पिछला टायर हवा में लहराने लगा। कई चालक बजरी लेकर भाग गए। कमोबेश यह नजारा आज का ही नहीं। सुबह से रात तक बजरी निकाल कर नदी को खोदी जा रही है। इस पूरे खेल में बड़लियास थाना पुलिस भी सांठगांठ के चलते नजरअंदाज कर रही है। खनिज विभाग और जनप्रतिनिधि तक आंखें मूंदे बैठे है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर सबकी चुप्पी क्यों है?
खुफिया तंत्र रखता है निगाह
बजरी का अवैध खनन करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य बाइक व चौपहिया वाहनों से इस मार्ग पर आने-जाने वालों पर खुफिया नजर रखते है। सरकारी वाहन या मीडिया के पहुंचने का पता चलता है तो इसकी सूचना व्हाट्सएप ग्रुप में चलाकर सावचेत कर दिया जाता है। इससे बजरी माफिया फरार हो जाते है। कई बार तो माफिया के गुर्गे अधिकारियों से उलझ तक जाते है।
बनास नदी को किया छलनी
बनास नदी राजसमंद, चित्तौडगढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर जिलों में बहती हुई एमपी के श्योपुर जिले में रामेश्वर घाट पर चम्बल नदी में मिलती है। चित्तौड़गढ़ के राशमी, हमीरगढ़, मंगरोप, हाथीखेड़ा, गेंदलिया, बड़लियास, सवाईपुर, कोटड़ी, जहाजपुर, पंडेर तक बनास नदी को पूरी तरह से माफिया ने छलनी कर दिया है। हालात यह है कि नदी में बजरी के स्थान पर केवल पत्थर नजर आ रहे है। बड़े-बड़े गडढ़े नदी में हो गए है। बजरी निकालने के लिए जगह-जगह नदी में बड़े-बड़े छालने तक रखे है। इनसे बजरी छानकर ट्रैक्टर और डम्पर में भरी जाती है। डंपर में भरी बजरी मध्यप्रदेश तक ले जाई जा रही है।