कचरे के दुष्प्रभावों की जानकारी को लेकर स्कूली बच्चों ने जागरूकता दिखाई। प्रधानाचार्य ने प्रेरित किया तो उन्होंने कचरे को शोध का विषय ही बना लिया। कचरे से होने वाले फायदे और नुकसान की परिभाषा को दर्शाया तो वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भी खुश हो उठा। बच्चों की मेहनत रंग लाई और वह अब राज्य स्तर पर अर्थियन पर्यावरण अवार्ड 2023 से सम्मानित होंगे।
भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा ब्लॉक स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल बनेड़ा के पांच विद्यार्थियों के कचरा प्रबंधन एवं सस्टेनेबिलिटी विषय पर किए गए शोध कार्य का राज्य स्तर पर अर्थियन पर्यावरण अवार्ड 2023 के लिए चयन हुआ है।
कचरा प्रबंधन एवं सस्टेनेबिलिटी विषय पर कक्षा 11 के 5 विद्यार्थी वंशिका सोनी, सानिया बानू,बुशरा बानू, कमल माली एवं मुकेश कुमार बलाई ने प्रधानाचार्य डॉ. कल्पना शर्मा के सानिध्य में यह शोध कार्य किया है। चयन वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तर पर हुआ है।
शोध में कचरे के प्रकार ,विद्यालय और घरों में कचरा उत्पन्न करने वाले स्थानों की जानकारी, प्रतिदिन तैयार होने वाले कचरे की मात्रा की ऑडिट, कचरे का वर्गीकरण, कचरा निस्तारण की विधियों की जानकारी, पर्यावरण पर कचरे के दुष्प्रभावों की जानकारी का समावेश किया गया। इसी प्रकार विद्यालय और घरों को कचरा मुक्त करने की विधियों की जानकारी, परंपरागत एवं आधुनिक समय में कचरे का तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े लोगों के साक्षात्कार ,परिवर्तनकर्ता के रूप में विद्यार्थियों की भूमिका आदि का संकलन एवं दस्तावेजीकरण करके रिपोर्ट तैयार की गई। जिसमें कचरे से होने वाले फायदे और नुकसान की परिभाषा को दर्शाया गया ।
मॉडल स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ.शर्मा व शोधार्थी विद्यार्थियों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से रीजनल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों व आमजन में पर्यावरण जागरूकता हेतु गतिविधियों पर आधारित प्रोजेक्ट के लिए गत वर्ष2022 में भी इस विद्यालय विद्यालय की टीम राष्ट्रीय स्तर पर शॉर्टलिस्ट विजेता के रूप में चयनित हुई थी।