भारत इंडस्ट्रियल फेयर
भीलवाड़ा. भीलवाड़ा के टेक्सटाइल की मांग विदेशों में है लेकिन टेक्निकल टेक्सटाइल में अब भी पिछड़े हैं। इसे समझने की जरूरत है। इसमें काफी संभावनाएं है। टेक्निकल टेक्सटाइल में कई तरह के उत्पाद को जोड़ा जा सकता है। केन्द्र सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में सरकार अधिक स्टार्टअप्स लाना चाहती है। इसमें 50 लाख तक का अनुदान का भी प्रवाधान है। ये विचार लद्यु उद्योग भारती के तीन दिवसीय भारत इंडस्ट्रियल फेयर 2023 में दूसरे दिन सेमिनार में दिल्ली के मुनिष त्यागी ने जताए।
गौरतलब है कि तकनीकी वस्त्र या टेक्निकल टेक्सटाइल, निश्चित फंक्शनलिटी वाले इंजीनियर्ड उत्पाद हैं। इन्हें प्राकृतिक के साथ मानव निर्मित फाइबर जैसे नोमेक्स, केवलर, स्पैन्डेक्स, ट्वरॉन का उपयोग कर बनाया जाता है। टेक्निकल टेक्सटाइल का प्रयोग सामान्य और पारंपरिक कपड़ा उद्योग में न होकर स्पेशल सेक्टर जैस स्वास्थ्य सेवा, निर्माण, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, खेल, रक्षा, कृषि आदि में होता है। टेक्निकल टेक्सटाइल को 12 सेगमेंट्स में बांटा गया है।
सेमिनार में राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के चेयरमैन एसएन मोदानी, भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश मित्तल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताराचंद गोयल, महेश मायेकर, संदीप डांगी, सार्थक सागर आदि शामिल थे।
भारती के अध्यक्ष महेश हुरकट ने बताया कि इस फेयर में 132 स्टॉल्स लगी है। इनमें धागा बुनने से लेकर कपड़ा बनने, उसे प्रोसेस करने, प्रिंटिंग, वार्पिंग, फोल्डिंग, फैब्रिक चेकिंग, स्पेयर पाटर्स, एसेसरिज, पैकिंग मैटेरियल, कंप्रेसर, फैब्रिक टेस्टिंग, हीट सेटिंग अत्याधुनिक मशीनों का लाइव प्रदर्शन किया गया है। कार्यकारिणी सदस्य संजीव चिरानिया ने बताया कि राजकुमार मेलाना, सुरेश कोगटा, अजय मूंदड़ा, कमलेश मुनोत, रामकिशोर काबरा, पल्लवी लढ़ा, रामप्रकाश काबरा, पुनीत सोनी, सुमित जागेटिया, सत्यनारायण झंवर, शिवप्रकाश झंवर तैयारी में जुटे हैं।