-वस्त्रनगरी में रेलवे लाइन के इस पार से उस पार जाने के लिए केवल दो पुल -बड़ा सवाल : कोटा, जोधपुर में करोड़ों खर्च कर अच्छे पुल व अंडरपास बनाए जा सकते हैं तो भीलवाड़ा में क्यों नहीं?
के. आर. मुण्डियार
भीलवाड़ा.
कुछ दशक से राजस्थान का मैनचेस्टर शहर भीलवाड़ा विस्तार व विकास की राह आगे बढ़ रहा है। लेकिन शहर के स्मार्ट विकास में बड़ी बाधा आंतरिक व बाहरी क्षेत्रों के बीच सुगम राह का अभाव है। विकास की दृष्टि से भले ही नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने शहर को चार जोन में बांट रखा है, लेकिन उत्तर से दक्षिण दिशा के रूप में गुजर रही रेलवे लाइन के कारण मुख्यत: शहर पूर्व व पश्चिम दो हिस्सों में बंटा हुआ दिख रहा है।
एक तरफ प्रदेश के कोटा व जोधपुर शहर में ओवरब्रिज व अंडरपास के स्मार्ट विकास पर करोड़ों खर्च किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा में एक भी पुल व अंडरपास ऐसा नहीं है, जिसको स्मार्ट व अच्छा माना जा सके। हालात देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भीलवाड़ा शहर में नगर विकास न्यास की विकास रूपी गाड़ी बिना विजन के ही दौड़ रही है। ज्ञात है कि भीलवाड़ा शहर के पूर्वी भाग में पूरा शहर बसा है तो पश्चिमी भाग में टेक्सटाइल उद्योग व अन्य नई आवासीय योजनाओं की बसावट है।
कोटा-जोधपुर में पुल ही पुल तो भीलवाड़ा में क्यों नहीं-
प्रदेश के जयपुर के अलावा जोधपुर, कोटा, अजमेर में शहर से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर कई ओवरब्रिज बने हुए और अंडरपास भी स्मार्ट सिटी के मानकों पर बनाए गए हैं। लेकिन भीलवाड़ा शहर में अजमेर रोड पुलिया के रूप में केवल एक ही ओवरब्रिज बना हुआ है, जिस पर भी वाहन सुगम गति से नहीं चल पा रहे। इसके अलावा शहर के बाहर दक्षिण दिशा में एक अन्य ब्रिज चित्तौड़ रोड पर बना हुआ, जिस पर लम्बी दूरी के कारण आम शहरवासी की आवाजाही कम रह पाती है। ऐसे में बरसात के समय अजमेर रोड पुलिया ही इस पार से उस पार का अहम रास्ता बन जाता है।
यहां बने हैं 6 अंडरपास, लेकिन काम के नहीं-
उत्तर पश्चिम रेल मंडल के अजमेर-खंडवा रूट की भीलवाड़ा से गुजर रेलवे लाइन के कारण पूर्व दिशा के मुख्य शहर की पटरी पार पश्चिम क्षेत्र से कनेक्टिविटी सुगम नहीं है। रेलवे लाइन को क्रॉस करने के लिए बाबा धाम, पुलिस लाइन, रेलवे फाटक, रामधाम के सामने, चन्द्रशेखर आजाद नगर चौराहा, सुखाडिय़ा स्टेडियम के सामने बिना विजन के अंडरपास बना रखे हैं, लेकिन बरसात में यहां पानी भर जाता है।
फैक्ट फाइल-
5.50 लाख भीलवाड़ा शहर की कुल जनसंख्या
3.50 लाख की जनसंख्या का शहर रेलवे लाइन लेफ्ट यानि पूर्व में बसा है
1.60 लाख लोग रेलवे लाइन के राइट यानि पश्चिम दिशा में बसा है
550 उद्योग कारखाने पटरी के दूसरी तरफ स्थापित हैं
1 लाख से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष उद्योगों से जुड़े हैं
30 हजार से ज्यादा लोग प्रतिदिन पटरी से इस पार या उस पार आवाजाही करते हैं
इनका कहना है---
नगर विकास न्यास को रेलवे लाइन पर शहर के आंतरिक भाग में नए ओवरब्रिज व अंडरपास बनाए जाने की अभी तक कोई डिमांड नहीं मिली है। भविष्य में सुगम कनेक्टिविटी की संभावना होगी तो इस दिशा में काम किया जाएगा।
-अजय कुमार आर्य, सचिव, नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा
सवाल : अपनी राय दें।
भीलवाड़ा शहर में रेलवे लाइन के पार कनेक्टिविटी की परेशानी के लिए कौन जिम्मेदार है।