भीलवाड़ा

भीलवाड़ा डॉक्टर हनीट्रैप केस: साजिश में इस्तेमाल सिम कार्ड महिला के नाम पर निकला, स्टॉफ ने ही मांगी थी 90 लाख की रंगदारी

भीलवाड़ा में वरिष्ठ डॉक्टर को हनीट्रैप कर 90 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में अस्पताल स्टॉफ के चार कर्मचारी पांच दिन की रिमांड पर हैं। सुभाषनगर पुलिस कैमरा और मोबाइल बरामदगी तथा फरार सिकंदर लॉटरी की तलाश में दबिश दे रही है।
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Updated: 20 Feb 2026, 10:28 AM IST
Bhilwara Doctor Trapped
अस्पताल स्टॉफ के चार कर्मचारी पांच दिन की पुलिस रिमांड पर (फोटो- पत्रिका)

Bhilwara Doctor Honeytrap Case: भीलवाड़ा शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश में लिप्त अस्पताल स्टॉफ के ही चार कर्मचारियों को सुभाषनगर पुलिस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया है। इसी मामले में लिप्त शातिर अपराधी सिंकदर लॉटरी की तलाश में पुलिस ने शहर में कई स्थानों पर दबिश दी है।

शहर के निजी चिकित्सालय के वरिष्ठ डॉक्टर अभिषेक पंवार को व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध वीडियो भेज कर धमकाने और उसे वायरल नहीं करने की एवज में 90 लाख की रंगदारी वसूलने का मामला सामने आने के बाद सुभाषनगर पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने बुधवार को धमकी के इस सुनियाजित षड्यंत्र में लिप्त चिकित्सक के ही स्टॉफ के चार लोगों को गिरफ्तार किया था, इनमें दो नर्सिंग कर्मी हैं।

पुलिस करेगी बरामदगी का प्रयास

थाना प्रभारी कैलाश कुमार विश्नोई ने बताया कि आरोपी मुस्तफा नगर निवासी मोहम्मद इमरान नीलगर, बहाला गुलमंडी निवासी जफर अहमद, अगरपुरा निवासी अजय जाट और मंगरोप के जित्याखेड़ी निवासी जगदीश बैरवा को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। चारों आरोपियों को वारदात में प्रयुक्त कैमरे और मोबाइल की बरामदगी को लेकर पूछताछ की जाएगी।

इसी प्रकार डॉक्टर को किस-किस के मोबाइल से कहां- कहां से कॉल किए गए। इसको लेकर पूछताछ की जाएगी। समूचे मामले की जांच के लिए अनुसंधान जारी है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि डॉक्टर को धमकाने के बावजूद रंगदारी की वसूली नहीं होने से उन्होंने शहर के शातिर बदमाश सिकंदर लॉटरी की भी मदद ली थी। सिकंदर के लगातार धमकाने से डॉक्टर और उसके परिजन दहशत में थे।

संदिग्ध महिला से पूछताछ

अनुसंधान में सामने आया कि पहली बार जिस नंबर से धमकी मिली, वह किसी महिला के नंबर का था। महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने पहले ही प्रतापनगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दे रखी थी। इसमें बताया कि उसके नाम से किसी ने फर्जी सिम जारी कर रखी है।

चिकित्सक के खिलाफ मामला

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि एक आरोपी नर्सिंग कर्मी ने पहले एक चिकित्सक के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करवाया था। इसमें चिकित्सक पर आरोप लगाया था कि उसके स्थान पर ऑपरेशन एक नर्सिंग कर्मी ने किया था।

Updated on:
20 Feb 2026, 10:28 AM IST
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