भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा दो श्वानों को क्रूर तरीके से पकड़ने का वीडियो वायरल होने पर छह कर्मचारियों को निलंबित किया गया। पर्यावरणविदों ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Bhilwara News: भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा कस्बे में श्वानों को क्रूर तरीके से पकड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय निकाय निदेशालय (डीएलबी) के सचिव रवि जैन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका शाहपुरा के छह कर्मचारियों, जिनमें सुपरवाइजर भी शामिल हैं, को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि इस कार्रवाई के पीछे वह वीडियो था, जिसमें दो श्वानों की मौत अमानवीय तरीके से पकड़ने के कारण हो गई थी।
राजस्थान पत्रिका में रविवार को ‘‘नगर पालिका की करतूत: फंदे से लटकाकर दो श्वानों को मारा’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इस पर डीएलबी सचिव रवि जैन ने शाहपुरा की अधिशासी अधिकारी रिंकल गुप्ता से तत्काल बात की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव से आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि श्वानों को फंदे से लटकाना कानूनन अपराध है। नगर पालिका को सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पशु क्रूरता अधिनियम का पालन करना चाहिए। यह कृत्य निंदनीय और अमानवीय है।
अधिशासी अधिकारी रिंकल गुप्ता ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें जमादार सत्येंद्र, कर्मचारी अभिषेक, शुभम, आजाद, संदीप, नितिन कुमार शामिल हैं।
सचिव रवि जैन ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिए कि वे पशु जन्म नियंत्रण नियम का कड़ाई से पालन करें और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सामुदायिक श्वानों के लिए भोजन स्थल स्थानीय निकाय, आवासीय कल्याण संघों और फीडर्स से परामर्श कर तय करें। जानवरों के साथ करुणा और गरिमा से व्यवहार करना आवश्यक है। नागरिक भी अधिकारियों के साथ सहयोग करें ताकि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत जिम्मेदारी निभाई जा सके।
इसी बीच रविवार को शाहपुरा के पुराना बस स्टैंड, वेलकम चौराहा, नई आबादी और उदयभान गेट क्षेत्र में एक श्वान ने 6 लोगों को काटकर घायल कर दिया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। घायलों को शाहपुरा जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
सूचना पर अधिशासी अधिकारी रिंकल गुप्ता ने पागल श्वान को पकड़ने के आदेश दिए, लेकिन निलंबन की कार्रवाई से भयभीत कर्मचारी मैदान में उतरने से हिचक गए। बाद में जमादार विकास घूसर और पूर्व जमादार सत्येंद्र घूसर की टीम ने श्वान को सुरक्षित पकड़कर लोगों को राहत दी।