
कानाराम मुण्डियार
मेवाड़ का मुकुट माने जाने वाला भीलवाड़ा का रण इस बार रोचक हो चुका है। विधानसभा चुनाव में कई ऐसे प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी हालत पतली है। निर्दलीय व बागियों ने गणित बिगाड़ रखी है, इसलिए कोई भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं दिख रहा। माहौल को अनुकूल बनाने यानि रण जीतने के लिए दोनों प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने पार्षदों व सरपंचों की जमीनी ताकत को अपने पक्ष में करने पर फोकस कर रखा है।
भीलवाड़ा जिले से सरकार में मंत्री व विधायक रहने के बावजूद रण जीतने को लेकर माथे पर सलवटें दिख रही है। डर सता रहा है कि यदि वो हार गए तो क्या होगा। इसलिए मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही पार्षदों व सरपंचों पर मोहिनी मंत्र फेंका जा रहा है। वार्ड व बूथ जीतने के प्रयास तेज हो गए हैं। पार्षदों व सरपंचों की बल्ले-बल्ले दिखाई दे रही हैं।
भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले में 9 स्थानीय निकाय में एक नगर परिषद (भीलवाड़ा) और 8 नगरपालिकाएं (गंगापुर, आसींद, मांडलगढ़, जहाजपुर, गुलाबपुरा, शाहपुरा, रायपुर व हमीरगढ़) हैं। इनमें कुल 237 पार्षद है। जिले में 396 पंचायतें हैं। इनके मुखियाओं पर ही विधानसभा चुनाव का समीकरण टिका है। शहरों व गांवों में चुनाव की हवा बनाने में पार्षदों व सरपंचों की भूमिका अहम रहती है। साथ ही सरपंच व पार्षद चुनाव में हारे प्रत्याशी भी हवा बदलने की ताकत रखते हैं, इसलिए उनकी मान-मनोव्वल बढ़ गया है।
जोड़-तोड़ की कोशिश
जिन निकायों में निर्दलीय पार्षद हैं, उन्हें अपने साथ लाने के लिए भाजपा व कांग्रेस ने प्रयास तेज कर दिए।भीलवाड़ा में हाल ही भाजपा ने 5 निर्दलीय पार्षदों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसी तरह कांग्रेस भी जोड़-तोड़ में लगी है। जिले भर में जोड़-तोड़ के प्रयास चल रहे हैं। त्रिकोणीय संघर्ष बना रहे प्रत्याशी भी सेंधमारी करते हवा को अपने पक्ष में मोड़ने में जुटे हैं।
इज्जत रखने की गुहार
येनकेन प्रकरेण चुनाव जीतने के लिए पार्षदों व सरपंचों को वार्ड व बूथ स्तर पर लक्ष्य सौंपकर इज्जत रखने की गुहार की जा रही है। मुखियाओं को प्रत्याशी यह भी आश्वासन दे रहे हैं कि यदि वो जीतते हैं तो उनका कोई काम नहीं अटकेगा। पिछले निकाय चुनाव में टिकटों को लेकर हुई नाराजगी व पुराने गिले-शिकवे भुलाने के लिए भी हाथ-जोड़ी हो रही है।
भीलवाड़ा-शाहपुरा में पार्षद-सरपंच
396 सरपंच हैं जिले में
237 पार्षद हैं 9 स्थानीय निकायों में
112 पार्षद भाजपा से
86 पार्षद कांग्रेस से
39 पार्षद निर्दलीय