
भीलवाड़ा।
बैंक व्यवसाय बढ़ाने में भीलवाड़ा का कोई सानी नहीं। यहां की औद्योगिक कुशल प्रबंधन क्षमता को देख अफसोस होता है कि हमने बहुत पहले ही भीलवाड़ा की ओर कदम क्यों नहीं बढ़ाए। यह बात भारतीय बैंक संघ अध्यक्ष एवं यूको बैंक के प्रबंध निदेशक अतुल कुमार गोयल ने रविवार सायं मेवाड़ चैम्बर भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि अपनी बेहतर प्रबंधन क्षमता के दम पर यूको बैंक ने न सिर्फ आमजनों में अपनी विशेष साख कायम की बल्कि अपने व्यवसाय को भी उत्तरोतर बढ़ाया। वर्ष 2017 में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बैंक को पीसीए की श्रेणी में शुमार कर लिया गया था परन्तु बैंक ने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के दम पर सितम्बर में अपने आपको इस दायरे से बाहर निकाल लिया। एनपीए के लिए कौन जिम्मेदार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। हालात बदल जाते हैं। फिर भी बैंक का एनपीए प्रतिशत बहुत कम है। उन्होंने बताया कि बैंक व्यवसाय प्रगति को लेकर स्थानीय उद्यमियों से भी मंथन किया गया है। यही नहीं भीलवाड़ा औद्योगिक विकास की सफल राह को देखते हुए बैंक प्रशासन ने एक इकाई को विस्तारीकरण के लिए सौ करोड़ से अधिक का टर्म लोन स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की मंदी से उबरने में भी बैंकों ने सराहनीय प्रयास किए हैं। भीलवाड़ा शाखा के आधुनिकीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि शाखा ही नहीं वर्तमान दौर में बैंककर्मियों के साथ साथ ग्राहकों के मोबाइल में भी पूरा बैंक होना चाहिए। ताकि डिजीटल युग में कामकाज तुरंत व पारदर्शिता से हो सके।