भीलवाड़ा

bhilwara lumpi: लम्पी के 657 मामले आए सामने, 41की मौत

भीलवाड़ा जिले में शनिवार को लम्पी वायरस संक्रमण के 657 मामले सामने आए।
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Updated: 28 Aug 2022, 11:32 AM IST
bhilwara in lumpi: लम्पी के 657 मामले आए सामने, 41की मौत
bhilwara in lumpi: लम्पी के 657 मामले आए सामने, 41की मौत

भीलवाड़ा जिले में शनिवार को लम्पी वायरस संक्रमण के 657 मामले सामने आए। इसमें आसीन्द में 89, बदनोर 95, बनेड़ा मं 32, भीलवाड़ा में 31, हुरड़ा में 132, करेड़ा में 52, कोटड़ी 16, मांडल में 143, फूलिया कला में 41, सहाड़ा में 10, शाहपुरा में 16 लंपी वायरस के मवेशी मिले है। वहीं आसीन्द में 7, बदनोर 3, बनेड़ा 4, भीलवाड़ा 1, हुरड़ा में 18, करेड़ा में 4, मांडल में 3, फूलिया कला में 1 मवेशी की मौत हो गई। अब तक लम्पी से 3301 पशु संक्रमित हो चुके व 166 की मौत हो चुकी है।


पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. दुर्गालाल रेगर ने बताया कि लंपी वायरस की चपेट में आए मवेशियों का सभी सेन्टरों पर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे गाय-भैंस आदि को चराने के लिए इन दिनों जंगल में ना ले जाएं। क्योंकि वहां पता ही नहीं चलता कि पशु जिस चारे को खा रहे हैं वह कहीं दूषित तो नहीं है। जंगल से पशुओं में जू, चिचडे, कलीली जैसे कीट लग जाते हैं। ये पशुओं का खून चूसते हैं और इससे वे बीमार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में हर दिन नए गांव में यह वायरस फैल रहा है। पशुपालन विभाग की टीमें लगातार बचाव और इलाज में जुटी हैं। जबकि किसानों के स्तर पर लापरवाही सामने आ रही है। वे पशुओं के घरों पर ही अच्छा चारा खिलाने के बजाय जंगल में ले जाकर पशुओं को चरा रहे हैं। इससे वायरस और फैल रहा है। कुछ समझदार किसानों ने तो बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग किया हुआ है। लेकिन ज्यादातर किसानों ने बीमार पशुओं को भी अन्य पशुओं के साथ ही बांधा हुआ है। इसलिए वायरस तेजी से फैल रहा है।

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