राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर 25 नवंबर को मतदान होगा। मतदान को लेकर लोगों में उत्साह है। जहां प्रदेशभर में चुनावी चर्चाएं हो रही है। इन्ही चुनावी चर्चाओं को दिलचस्प अंदाज में समझिए आपकी बोली में...
राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर 25 नवंबर को मतदान होगा। मतदान को लेकर लोगों में उत्साह है। जहां प्रदेशभर में चुनावी चर्चाएं हो रही है। इन्ही चुनावी चर्चाओं को दिलचस्प अंदाज में समझिए आपकी बोली में...
- स्क्रिप्ट : दौलत सिंह चौहान, रूपांतरण : सुरेशचंद्र लोहार
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रूकमा: काले वोट पेड़ी, थूं चाली कई...
धापूड़ी: हां चालूं..., वोट तो जरूर देणो ही है...
रूकमा: कीने वोट देई...
धापूड़ी: आ बात मुं थनै कां बताऊं..., म्हारो वोट है, मैं कीने भी दूं...
रूकमा: हां..., आ बात तो ठीक है क थारो वोट है, पण हर कीनेई मत दीज्ये..., सोच समझ र एस्या नेता ने वोट दीज्ये जो जीतबा के बाद आपणी बात सुणे... गलत आदमी जीत ग्यो तो पुरा पांच साल दुख पाणो पेड़ी...
धापूड़ी: आ बात तो थ्हारी सई है, म्हारा तबादला के वास्ते म्हारो बींद पाछली बार एमएलए के कतरा ही चक्कर काट्या, पण पईसा लेर ही मान्यो..., एस्या लालची आदमी ने वोट देणो ही कोने..., ई बार ध्यान राखूं...
रूकमा: कई ध्यान राखी, सारा एक जस्या ही है..., जीतबा के पछे पईसा लिया बना कोई काम न करबा वाळा... चुनाव में अतरा पईसा खर्च करे, अर पछे अपणा सूं ही पाछा वसूल करे ये नेता लोग...
धापूड़ी: तो कई करू पछे, कीनेई वोट न दूं ... ?
रूकमा: अरे नई... वोट न देणो तो और भी गलत काम हो जाई.. वोट तो जरूर देणो है... पण आपणी ओर सूं तो सोच-समझ र ही वोट देणो है... बाद में कोई नेता कस्यो निकेळी... आपणा भाग...
धापूड़ी: वा ठीक है... अबे चालूं ... घर आळाा बाट देख रया होई..., थ्हारा भी अर म्हारा भी...
रूकमा: म्हारा घर आळाा तो चुनाव की ड्यूटी पे ग्या, चुनाव कराबा के बाद ही पाछा आई.. पण आज रामा को होमवर्क कराणो है, मुं भी चालूं अबे...
धापूड़ी: वा ठीक है... काल की काल देखां...
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- खिलखिलाती हुई दोनों अपने घर को चल देती है...