मवेशियों को घर के पास मिलेगा बेहतर इलाज
Bhilwara news : प्रदेश के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। अब उनके मवेशियों का उपचार गांव के पास ही पशु चिकित्सक व अस्पताल में बेहतर उपकरणों से हो सकेगा। प्रदेश में संचालित 19 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी चिकित्सालयों में बदला गया। 98 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सा केंद्रों में क्रमोन्नत किया गया है। इनकी प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। पशु चिकित्सालयों को क्रमोन्नत करने से अधिक लाभ 98 उप केन्द्र को क्रमोन्नत करने से मिलेगा। उप केन्द्रों पर सिर्फ कंपाउंडर की नियुक्ति होती है। पशु चिकित्सा केंद्र पर पशु चिकित्सक नियुक्त होंगे। ऐसे ही प्रथम श्रेणी अस्पताल में क्रमोन्नत होने वाले अस्पतालों के क्षेत्र के पशुपालकों को वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी की सेवाएं मिल सकेगी।
उप केन्द्र हुए क्रमोन्नत
धौलपुर, उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही, सीकर व हनुमानगढ़ में 1-1, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, कुचामन सिटी 2-2, दौसा, टोंक, चित्तौडगढ़ व जोधपुर 3-3, नागौर, कोटा व भीलवाड़ा 4-4, झुंझुनूं में 5, अजमेर 6, भरतपुर व जयपुर 7-7, बाड़मेर 8, जालोर 9 तथा पाली में 16 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालय में बदला गया है।
प्रथम श्रेणी के अस्पताल क्रमोन्नत
चित्तौड़गढ़- निकुंभ, झुंझुनूं- कुमावास, अलवर- गंडाल, बाड़मेर- खण्डप, जालोर- गुड़ा बालोतान, कुचामन सिटी- मारोठ, सीकर- भैरूपुरा, बीकानेर- मुकाम, सवाई माधोपुर- ठिंगला, चूरू- हरदेसर, नागौर- कुड़छी तथा शंखवास, भरतपुर- पपरेरा, खोह तथा जालुकी तथा पाली- सियाट, डेंडा, मणिहारी तथा खिवांदी चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी के चिकित्सा संस्थान को क्रमोन्नत किया।
ये होंगे नए पद
क्रमोन्नत उप केंद्रों में पशु चिकित्साधिकारी के 98, पशुधन परिचर के 87 व पशु परिचर के 22 नए पदों का सृजन किया गया है। वहीं प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत चिकित्सालयों में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन सहायक, पशुधन परिचर व पशु परिचर के पद नए है। प्रथम श्रेणी में पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्सा सहायक व पशुधन सहायक के पद विलोपित किए गए है। पशु चिकित्सालयों को क्रमोन्नत करने से पशुपालकों को मवेशियों के उपचार की बेहतर सुविधा मिलेगी। मवेशी लेकर गांव से दूर जाने की भी आवश्यकता भी नहीं रहेगी।