शहर में बुधवार को प्री मानसून की पहली अच्छी बारिश ने सफाई व्यवस्था की न सिर्फ पोल खोल दी, बल्कि नगर परिषद की लापरवाही भी उजागर की। मात्र 15 मिनट की बारिश से नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा।
शहर में बुधवार को प्री मानसून की पहली अच्छी बारिश ने सफाई व्यवस्था की न सिर्फ पोल खोल दी, बल्कि नगर परिषद की लापरवाही भी उजागर की। मात्र 15 मिनट की बारिश से नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा। नालियों की गंदगी सड़कों पर फैल गई। प्लास्टिक, पत्ते व अन्य कचरा सड़कों पर फैल गए। कुछ देर के बाद काफी कचरा उन्हीं नालियों में समा गया और हर सड़क की स्थिति एक जैसी थी।
परिषद ने शहर के सभी छोटे-बड़े नाले व नालियों की सफाई ठेके पर दी। ठेकेदार ने समय पर काम शुरू नहीं किया। परिषद के अधिरारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था ठेके पर दी गई है। लेकिन कार्य समय पर शुरू नहीं करने से नालों की सफाई नहीं हो पाई है। हालांकि अधिकारियों ने ठेकेदार को शहर के छोटे नालियों की सफाई तुरन्त करने के निर्देश दिए।
शहर में 15 मिनट की बारिश में पानी की सतह ऊंची हो जाती है। इसकी शिकायत क्षेत्र के लोगों ने नगर परिषद सभापति व आयुक्त से की है। सरस्वती सर्किल पर नाले की सफाई नहीं होने से सड़क पर पानी भर गया। लोगों को वाहन निकालने में भी परेशानी उठानी पड़ी। यही स्थिति छीपा बिल्डिंग के पीछे, रोडवेज बस स्टैण्ड पर देखने को मिली। स्थिति यह रही की वाहन चालकों को वाहन चलाने में भी परेशानी उठानी पड़ी। सड़कों पर पानी इतना भर गया था कि कई वाहन तो बंद हो गए थे। वही सड़कों पर कचरा फैल गया था। उधर नगर परषिद सभापति ने सफाई कर्मचारियों को तुरन्त ही नालों की सफाई करने के निर्देश दिए है।