त्योहारी सीजन में व्यापारी मनमाने दाम वसूल रहे फिर भी नमकीन बिक रही 300 रुपए किलो
Bhilwara news : त्योहारी सीजन में नमकीन व्यापारी मनमानी से भाव वसूल रहेे हैं। सेंव बनाने में उपयोग आने वाले मूंगफली तेल व चना दाल व बेसन का मूल्य में काफी गिरावट आई है। लेकिन नमकीन व्यापारी अब भी 280 से 300 रुपए प्रतिकिलो के भाव से ही ग्राहकों से दाम वसूल रहे हैं। मूंगफली तेल के भाव टूटकर पिछले कुछ साल पहले के लेवल पर आ गए है। वहीं चना दाल में 25 रुपए किलोग्राम की गिरावट आई है। इस गिरावट के बीच मूंगफली तेल के दाम कुछ साल पहले के भाव के आसपास मंडराने लगे हैं। पहले जहां एक टीन मूंगफली का 2800 से 3000 रुपए में आ रहा था। वह अब 2300 से 2400 रुपए में आने लगा है। जबकि चना दाल 140 से 145 रुपए के स्थान पर 75 से 80 रुपए किलो में मिल रही है। नमकीन निर्माण में लगने वाली कच्ची सामाग्री के दामों में लगातार गिरावट आती जा रही है। पिछले साल चना दाल 105 रुपए किलो बिक रही थी जो अब घटकर होलसेल में 75 रुपए किलो रह गई है। मूंगफली का तेल 188 रुपए से घटकर 153 रुपए किलो पर आ गया है। चना दाल में 25 प्रतिशत की और मूंगफली में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
भाव स्थिर होने पर करेंगेे विचार
नमकीन व्यापारी गोपाल शर्मा का कहना है कि चना दाल और तेल के दाम जरूर घटे हैं, लेकिन मजदूरी महंगी हो गई है। अभी दाम स्थिर नहीं है। भाव स्थिर होने पर ही नमकीन के भाव घटाने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा मसालों और लेबर कास्ट तो बढ़ती जा रही है।
नमकीन के भाव कम होने चाहिए
दिनेश पटवारी का कहना है कि जिस तरह से कच्चे माल की कीमत में गिरावट आई है उसी प्रकार नमकीन के भाव में भी गिरावट आनी चाहिए।
सोयाबीन से निर्मित नमकीन के भाव भी हो कम
पिछले सालों में चना दाल 140 रुपए किलो बिक रही थी तो नमकीन व्यापारियों ने 300 रुपए किए थे। इसके बाद भाव में गिरावट के बाद केवल 20 रुपए कम कर 280 रुपए में नमकीन बेच रहे हैं। किराणा व्यापारियों के अनुसार नमकीन के भाव 260 से 280 रुपए के बीच होना चाहिए। इसी प्रकार सोयाबीन से निर्मित नमकीन के भाव 160 रुपए किलो है। इसमें भी कमी आनी चाहिए।