शहर में दिगंबर जैन के दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन मंगलवार को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। शहर के 17 दिगंबर मंदिरों में की आराधना की गई।
Bhilwara news : शहर में दिगंबर जैन के दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन मंगलवार को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। शहर के 17 दिगंबर मंदिरों में की आराधना की गई। मंदिर जयकारों से गुंजायमान रहे। सुबह श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा के बाद विधान मंडल पर अष्ट द्रव्य से पूजा की गई। संतों ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन दिया।
आरके कॉलोनी के आदिनाथ मंदिर में पंडित आलोक मोदी ने बताया कि मायाचारी या कपट करने वाला व्यक्ति का अगला भव खतरे में है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार ऐसा व्यक्ति त्रियंच बनता है। व्यक्ति को पानी के समान सरल रहना चाहिए, जिस रंग में मिले, उस रंग का हो जाए।
आदिनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि विमल कुमार, सनत कुमार, निसर्ग अजमेरा, राजेन्द्र सेठी, राजेन्द्र अजमेरा, ओमचन्द रिखबचन्द, निर्मल-जयकुमार अग्रवाल, नीरज बाकलीवाल, कमल नयन पाटनी, वेद प्रकाश बड़जात्या, अजित अग्रवाल, सुशील लुहाड़ि़या ने शांतिधारा की गई। घीसुलाल, महेन्द्र बाकलीवाल, रतन लाल, मनोज कोठारी, राजेन्द्र ममता सेठी ने भक्तामर आरती की।
आचार्य सुंदरसागर ससंघ के सानिध्य एवं महावीर दिगम्बर जैन सेवा समिति के तत्वावधान में शास्त्रीनगर के सुपार्श्वनाथ पार्क में उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की गई। मुनि सुगमसागर ने कहा कि जिसमें छल-कपट से रहित सहज, सरल सीधा व्यवहार दिखता हो उसे आर्जव कहते हैं। राकेश पाटनी ने बताया कि मंदिर में आरती गुणमाला देवी, पंकज बड़जात्या, संतोष, मोनिका, नीरज बड़जात्या आदि ने पूजा की। इससे पूर्व मंदिर से श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई। शाम को त्रिशला महिला मंडल ने तंबोला का आयोजन किया।
शास्त्रीनगर मैन सेक्टर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रसाली देवी, जिनेन्द्र पाटनी, संदीप कासलीवाल, रिखब चंद पांडिया, शांतिदेवी, प्रवीण चौधरी,शकुन्तला देवी आदि ने शान्तिधारा की।