एकाग्र होकर दें परीक्षा, सफलता मिलेगी
Bhilwara news : राजस्थान बोर्ड तथा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने वाली है। स्टूडेंट्स परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। बच्चों को सही मार्गदर्शन जरूरी है। अब दोहरान और अभ्यास का समय है। ऐसे में राजस्थान पत्रिका ने बोर्ड परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के मार्गदर्शन के लिए मिशन एग्जाम शुरू किया है। मुहिम के तहत राजस्थान पत्रिका बीते वर्ष जिले से टॉप रहे स्टूडेंट्स से बातचीत प्रकाशित कर रहा है, ताकि इस बार परीक्षा की तैयारी में जुटे स्टूडेंट्स यह जान सकें कि टॉपर्स कैसे परीक्षा की तैयारी करते हैं। आज पढ़िए सीबीएसई 12वीं की छात्रा ध्रुवी जैन व 10वीं की अदिति सोनी से बातचीत।
कठिन विषय को दें अधिक समय, टाइम टेबल बनाएं
वर्ष 2023-24 में मैंने 98.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से परीक्षा पास की थी। 12वीं में जिला स्तरीय मैरिट में द्वितीय स्थान मिला। बोर्ड परीक्षा दे रहे सभी विद्यार्थियों को सलाह है कि गत वर्षों के बोर्ड के प्रश्न पत्र व बोर्ड से जारी मॉडल पेपर का नियमित अध्ययन करें। परीक्षा के दिनों में आत्मविश्वास बनाए रखें। इससे परीक्षा का डर हावी नहीं होगा। कठिन लगने वाले विषय को अधिक समय दें। परीक्षा से पहले टाइम टेबल तैयार कर लें। इसके अनुसार ही परीक्षा की तैयारी करें। परीक्षा के दौरान मोबाइल व टीवी से दूरी बनाए रखें। अपडेट रहने के लिए ही मोबाइल का इस्तेमाल करें। समाचार पत्र पढ़ते रहें। टॉपिक बनाकर सवालों के जवाब तैयार करें। इससे परीक्षा में लिखने में आसानी रहेगी। परीक्षा में कॉपी भरना जरूरी नहीं है। जितना जरूरी हो और सही हो, उतना ही लिखें। इन बातों का ध्यान रखकर मैंने परीक्षा दी। मैंने पूरे सिलेबस को समान समय देते हुए परीक्षा के लिए नोट्स तैयार किए थे, ताकि परीक्षा के समय पूरे पाठ्यक्रम को रिवाइज किया जा सके। परीक्षा में हैंडराइटिंग अच्छी हो, इसका भी याल रखना जरूरी है।
सत्र 2023-24 में 10वीं में अदिति सोनी ने 96.40 फीसदी अंक अर्जित कर जिले में टॉप किया। सोनी ने 4 से 5 घंटे नियमित पढाई की। पढ़ाई शुरू से ही नियमित रखी। सोशल मीडिया से दूर रही एवं स्वयं को नियमित रूप से पढाई करने पर जोर दिया।पढ़ाई के दौरान आई समस्याओं के निराकरण के लिए अपने गुरु एवं विद्यालय के सपर्क में रही। एनसीआरटी पर फोकस रहना चाहिए। साथ ही मॉडल पेपर को लगातार हल करना चाहिए ताकि बोर्ड परीक्षा के किसी तरह की परेशानी नहीं आए। पेपर शांति से करें। समय गंवाना व्यर्थ होता है। इसलिए शुरू से ही परीक्षा की तैयारी में जुट गई थी। इससे यह फायदा हुआ कि मुझे अंतिम क्षणों में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। पूरा कोर्स कई हिस्सों में बांट कर पढ़ा। ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करने का लाभ मिला। विद्यार्थियों को समय नहीं गंवाना चाहिए ताकि परीक्षा के समय अधिक दबाव नहीं रहे।