भीलवाड़ा

Bhilwara news: जब भी खून की जरूरत पड़ी, दौड़े चले आए

किसी की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा कार्य है। रक्तदान भी ऐसा ही पुण्य कार्य है। वस्त्रनगरी में कई लोग ऐसे हैं, जो संकट के समय जरूरत पडऩे पर हर समय रक्तदान के लिए तैयार रहते है।
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Jun 15, 2022
Bhilwara news: जब भी खून की जरूरत पड़ी, दौड़े चले आए
Bhilwara news: जब भी खून की जरूरत पड़ी, दौड़े चले आए

किसी की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा कार्य है। रक्तदान भी ऐसा ही पुण्य कार्य है। वस्त्रनगरी में कई लोग ऐसे हैं, जो संकट के समय जरूरत पडऩे पर हर समय रक्तदान के लिए तैयार रहते है। शहर में ऐसे कई लोग है, जो अब तक 40 से अधिक बार रक्तदान कर चुके है।


98 बार किया रक्तदान
विक्रम दाधीच विगत 35 वर्षों से रक्तदान जनजागृति अभियान व पीडि़तों की सेवा के लिए कार्य कर रहे है। वे अब तक 98 बार रक्तदान कर चुके है। रक्त की आवश्यकता होने पर दाधीच बाहर जाने से भी नहीं चूकते है। विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से भी रक्त उपलब्ध कराना व रक्तदाताओं को भेज पीडि़तों की सेवा करना ही उनका मुख्य ध्येय है।


63 बार कर चुके रक्तदान
सीए लक्ष्मण टिक्यानी पिछले 22 साल से रक्तदान कर रहे है। पहली बार मई 2000 में रक्तदान किया था। उसके बाद लगातार रक्तदान करते हुए अब तक 63 बार रक्तदान कर चुके है। रक्तदान एक ऐसी चीज हैं, जो किसी का जीवन बचाती है। टिक्यानी ने बताया कि जब वे पढ़ाई करते थे, तब भी किसी की मदद करने की इच्छा होती थी। पर इतने पैसे नहीं हुआ करते थे कि किसी जरूरतमंद की मदद कर सके, इसलिए रक्तदान शुरू किया था।


45 बार किया रक्तदान
प्रशान्त सिंह परमार अपनी 36 साल की उम्र में अब तक 45 बार रक्तदान कर चुके है। पहली बार रक्तदान एक अक्टूबर 2004 में किया था। वे बताते हैं कि रक्तदान से शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा।

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ओ नेगेटिव रक्त बेहद महत्वपूर्ण
पटेलनगर निवासी विजय टांक ने भले ही अब तक 18 बार रक्तदान किया हो लेकिन इनका ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव काफ ी दुर्लभ है। सबसे ज्यादा हॉस्पिटल और ब्लड बैंक में ओ नेगेटिव ब्लड की मांग होती है। टांक ने बताया कि पहली बार 1997 में एमजीएच में रक्तदान किया।

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अभी भी कई लोग घबराते है
हम में से कई सारे लोग आज भी रक्तदान करने से डरते हैं या घबराते हैंए लेकिन यदि हम डॉक्टरों की मानें तो रक्तदान करने से आप फि ट रहते हैं। अगर आपकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है तो आप रक्तदान कर सकते हैं और दूसरों की जान बचा सकते हैं। खून को प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट जैसे घटकों में तोड़ा जा सकता है।
-डॉ मनीष माथुर, वरिष्ठ फि जिशियन भीलवाड़ा

Updated on:
15 Jun 2022 11:56 am
Published on:
15 Jun 2022 11:56 am
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