प्रदेश की सभी जेलों में कैदियों और विचाराधीन बंदियों को अब स्टेंडर्ड क्वालिटी का खाना दिया जाएगा। इसके लिए जेल मुख्यालय ने राशन और सब्जी का ठेका व्यवस्था बंद कर सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए। मसाले भी एगमार्क क्वालिटी के होंगे।
प्रदेश की सभी जेलों में कैदियों और विचाराधीन बंदियों को अब स्टेंडर्ड क्वालिटी का खाना दिया जाएगा। इसके लिए जेल मुख्यालय ने राशन और सब्जी का ठेका व्यवस्था बंद कर सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए। मसाले भी एगमार्क क्वालिटी के होंगे। डीजीपी जेल भूपेंद्र दक के आदेशानुसार जेल में सभी खाद्य सामग्री राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ कॉनफैड से खरीदी जाएगी। सामग्री की खरीद जेल मुख्यालय की ओर से अनुमोदित दरों के अनुसार होगी। अगर जिला स्तर पर सहकारी उपभोक्ता भंडार नहीं है तो कारागार प्रभारी नजदीकी जिले के सहकारी भंडार से एमओयू कर यह व्यवस्था करेंगे।
सातों दिन अलग नाश्ता व खाना
जेल में सुबह 7 बजे चाय और नाश्ता दिया जाता है। फिर खाने में गेहूं की रोटी, दाल एवं सब्जी दी जाती है, जो सातों दिन अलग-अलग हाेगी। दोपहर बाद बंदियों को नाश्ता तथा शाम को फिर से खाना दिया जाएगा।
घी-तेल, दाल, मसाले सब ब्रांडेड
जेल मुख्यालय के आदेश के अनुसार जेल में तेल, घी, दाल, मसाले सहित अन्य खाद्य सामग्री उच्च गुणवत्ता वाले, एफएसएसआई मानकों के अनुसार और एगमार्क के ही भेजे जाएंगे। सभी जेलर और उप कारापाल को आदेश हैं कि जेल में खाद्य सामग्री आने से पूर्व वे इनकी जांच करेंगे और उसके बाद ही प्रयोग किया जाएगा। खाद्य सामग्री सही पैकिंग कर सुरक्षित जेल तक पहुंचाने के लिए उपभोक्ता भंडार को पाबंद किया गया है।
आपूर्ति का करार हो चुका
जिला जेल भीलवाड़ा व सब जेल जहाजपुर, गंगापुर, गुलाबपुरा, शाहपुरा तथा मांडलगढ़ में उनकी मांग के आधार पर खाद्य सामग्री की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन से एक साल के लिए एमओयू किया गया है जो एक जून से लागू हो गया है। सुरेन्द्र सिंह खंगारोत, महाप्रबंधक, सहकारी उपभोक्ता भंडार