भीलवाड़ा

सम्मेदशिखरजी के जयकारों से गूंजा भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन

- विशेष ट्रेन से एक हजार श्रद्धालु तीर्थ यात्रा पर रवाना, अयोध्या और काशी भी जाएंगे - विधायक कोठारी ने ट्रेन पर बनाया स्वास्तिक
2 min read
Dec 26, 2025
Bhilwara railway station echoed with chants of 'Sammetsikharji ki Jai'.
Bhilwara railway station echoed with chants of 'Sammetsikharji ki Jai'.

शहर का रेलवे स्टेशन गुरुवार शाम को भक्ति और उत्साह के अनूठे संगम का साक्षी बना। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) की ओर से आयोजित दस दिवसीय विशेष जैन तीर्थ यात्रा का आगाज हुआ। विधायक अशोक कोठारी ने ट्रेन के इंजन पर विधि-विधान से स्वास्तिक बनाया और हरी झंडी दिखाकर 1000 यात्रियों के दल को रवाना किया। 20 कोच की यह विशेष वातानुकूलित ट्रेन भीलवाड़ा से अयोध्या, वाराणसी, सम्मेदशिखरजी, पावापुरी और राजगिरी जैसे पावन तीर्थों के दर्शन कराएगी।

लाल जैकेट में दिखा यात्रियों का हुजूम

यात्रा की शुरुआत पार्श्वनाथ सोसायटी से एक जुलूस के साथ हुई। जीतो यूथ के सचिव सिद्धार्थ कावड़िया ने बताया कि सभी 1000 यात्री लाल रंग की जैकेट के विशेष ड्रेस कोड में थे। बैंड-बाजों की धार्मिक धुनों और 'जय जिनेंद्र' के नारों के साथ यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ रेलवे स्टेशन पहुंचा। यात्रियों के स्वागत के लिए प्लेटफार्म पर रेड कारपेट बिछाया गया था। इस दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल, महापौर राकेश पाठक, एएसपी पारस जैन सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। बड़े मंदिर के प्रवक्ता पवन अजमेरा ने बताया कि यात्रियों के सम्मान में पार्श्वनाथ सोसायटी में सामूहिक भोज का आयोजन किया। यहा आयोजित समारोह को अतिथियों ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर महावीर चौधरी ने कहा कि ऐसी यात्राएं समाज में धर्म, संस्कार, एकता और सेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।

युवा और बुजुर्गों का संगम

इस यात्रा की खास बात यह है कि इसमें 300 युवा दंपती और 200 सीनियर सिटीजन दंपती शामिल हैं। यूथ के अध्यक्ष सिद्धार्थ अजमेरा ने कहा कि यह यात्रा नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है। यात्रा के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि पूरी ट्रेन में यात्रियों के लिए शुद्ध भोजन, चाय और नाश्ते की विशेष व्यवस्था की गई है।

  • अयोध्या से शुरू होगा दर्शन का सिलसिला
  • 27 दिसंबर: अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन, हनुमानगढ़ी और सरयू नदी का भ्रमण।
  • 28 दिसंबर: वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली के दर्शन।
  • 29 दिसंबर: सम्मेदशिखरजी आगमन और मध्य रात्रि से 27 किलोमीटर की कठिन वंदना का प्रारंभ।
  • 1 जनवरी: नववर्ष का स्वागत पावापुरी तीर्थ में।
  • 3 जनवरी: यात्रियों की भीलवाड़ा वापसी।

स्टेशन पर हुआ भव्य स्वागत

रेलवे स्टेशन पर शांति भवन श्रीसंघ के पदाधिकारियों ने यात्रियों का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया। संघ अध्यक्ष राजेंद्र चीपड़ और उनकी टीम ने यात्रियों की सुखद यात्रा की मंगल कामना की। इस आयोजन को सफल बनाने में महावीर चौधरी, ललित डोसी, अभिषेक खजांची सहित जीतो की पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। यात्रा को सफल बनाने के लिए सिद्धार्थ कावड़िया, निश्चल जैन, अनिल पाटनी, मीठा लाल सिंघवी, त्रिलोक छाबड़ा, विनोद सिंघवी जयकुमार पाटनी, महेंद्र नाहर, राजेंद्र गोखरू, प्रदीप सांखला, लोकेश अजमेरा, महावीर बाबेल सक्रिय रूप से आगे की तैयारी में लगे है।

Updated on:
26 Dec 2025 10:12 am
Published on:
26 Dec 2025 10:12 am