Bhilwara will get water only if you give ten crores भीषण गर्मी एवं गहराता पेयजल संकट, शहर की दर्जनों कॉलोनियां पेयजल संकट से हांफ रही है। योजना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए चम्बल परियोजना के अधिकारी करीब दस करोड़ रुपए की मांग शहरी सहभागिता के रूप में कर रहे है। क्षेत्र की जनता की मांग व नगर विकास न्यास की फाइलें भी राज्य सरकार गत तीन साल से दबाएं बैठी है।
भीलवाड़ा। भीषण गर्मी एवं गहराता पेयजल संकट, शहर की दर्जनों कॉलोनियां पेयजल संकट से हांफ रही है। जलदाय विभाग के दावों के विपरीत अधिकांश कॉलोनियों में दो दिन में एक घंटा पानी भी प्रतिदिन नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। कई घरों में पानी के टैंकर आ रहे है, जबकि कई लोग टयूबवेल से पानी की ही चोरी करने को मजबूर है।
Bhilwara will get water ऐसे विकट दौर में नगर विकास न्यास की दो बड़ी आवासीय कॉलोनियां नेहरू विहार योजना व हरणी खुर्द आवासीय योजना में तो चंबल का पानी तक नहीं पहुंचा है, जबकि दो कॉलोनी में बड़ी संख्या में परिवार बसे है। दोनों ही योजना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए चम्बल परियोजना के अधिकारी करीब दस करोड़ रुपए की मांग शहरी सहभागिता के रूप में कर रहे है। क्षेत्र की जनता की मांग व नगर विकास न्यास की फाइलें भी राज्य सरकार गत तीन साल से दबाएं बैठी है।
शहर में नगर विकास न्यास ने तिलक नगर योजना क्षेत्र में नेहरू विहार आवासीय योजना वर्ष 2013 में विकसित की थी। सेक्टर 12 से 18 में ईडब्ल्यूएस,एलआईजी, एमआईजी आदि कुल 2836 आवासगृह निर्मित है। योजना पूर्ण की जाकर लाभार्थियों को आवास आवंटन किए जा चुके हैं। योजना मे सभी विकास कार्य न्यास ने ही पूरे कराए है। आवासीय योजना क्षेत्र में ही गत 12 नवम्बर को मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अन्तर्गत 816 फ्लेट (जी3) का निर्माण कार्य भी शुरू हो गए है। योजना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए नगर विकास न्यास द्वारा सरकार व संबंधित विभागों को भेजी फाइल पर तीन साल में सुनवाई तक नहीं हो सकी है।
लाखों खर्च, फिर भी पानी नहीं
योजना मे पेयजल आपूर्ति के लिए जलदाय विभाग द्वारा पानी उपलब्ध करवाया जाना है। पानी उपलब्धता के लिए समस्त सिविल वर्क जैसे दो उच्च जलाशय का निर्माण (5 लाख लीटर व 7.50 लाख लीटर), वितरण पाइप लाइन, 2 स्वच्छ जलाशय, होम कलेक्शन, पम्प हाउस निर्माण व चंबल परियोजना के विद्या निकेतन हेड वक्र्स तक राईजिंग लाइन डालने का कार्य न्यास पूर्ण कर चुका है। इसके बावजूद यहां पानी नहीं है।
न्यास खर्च कर चुका पचास करोड़
नेहरू विहार योजना में जलदाय विभाग द्वारा ही चंबल परियोजना के अन्तर्गत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जानी है, लेकिन पेयजल आपूर्ति की एवज में चंबल परियोजना के अधिकारी शहर सहभागिता के तहत नगर विकास न्यास से 5.56 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हंै। जबकि न्यास का कहना है कि चंबल परियोजना की पाइप लाइन के लिए न्यास पहले ही जमीन समेत कई सुविधाएं मुहैय्या करा चुका है, जिसकी कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक है। ऐसे भी कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की स्थिति मेंं जलदाय विभाग ही जल उपभोग की राशि नियमानुसार वसूल करेगा।
मुख्यमंत्री जन आवास योजना हरणी खुर्द की भी यही कहानी है। नगर विकास न्यास पेयजल वितरण के लिए योजना क्षेत्र में पाइप लाइन बिछा चुका है। 5 लाख लीटर की क्षमता का भूतल जलाशय का निर्माण भी हो चुका है। यहां की आबादी क्षेत्र के लिए 5 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन जरूरत है।
पीने लायक नहीं पानी
जलदाय विभाग योजना में पेयजल आपूर्ति के लिए विद्या निकेतन हेण्ड वक्र्स से निर्मित आवासों तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य, पम्पिंग मशीनरी लगवाने मय 5 वर्ष रखरखाव के कार्य तथा शहरी सहभागिता राशि समेत कुल चार करोड़ 46 लाख 98 हजार रुपए की मांग कर रहा है। न्यास सचिव ने यह प्रस्ताव भी जिला कलक्टर के जरिए सरकार को भिजवा रखा है। दोनों ही कॉलोनियों में फिलहाल टयूबवेल के जरिए पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास जारी है। लेकिन क्षेत्र के लोगों की पीड़ा है कि यह पानी पीने लायक ही नहीं है।
राज्य सरकार को भेज रखे प्रस्ताव
नेहरू विहार योजना व हरणी खुर्द में जलदाय विभाग एवं चंबल परियोजना द्वारा बिना सहभागिता राशि के पानी उपलब्ध करवाने कराने के लिए न्यास सचिव, जिला कलक्टर के जरिए अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं भू-जल विभाग राजस्थान सरकार को अभी तक कई पत्र लिख चुकी है। चंबल परियोजना के अधिकारी शहरी सहभागिता के नाम पर जो राशि की मांग कर रहे है, इस संदर्भ में सरकार को भी अवगत कराया जा चुका है।
रामप्रसाद चौधरी, सहायक अभियंता (जलप्रबंधन), नगर विकास न्यास