भीलवाड़ा जिले के कपास किसानों के लिए एक बड़ी सौगात है। भारतीय कपास को विश्व स्तर पर एक ‘प्रीमियम ब्रांड’ के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से रविवार को सहाड़ा ब्लॉक के उदलियास गांव में ‘कस्तूरी कपास अभियान’ का शंखनाद किया गया। कृषि एवं वस्त्र मंत्रालय, भारतीय वस्त्र उद्योग महासंघ और कपास अनुसंधान संस्थान […]
भीलवाड़ा जिले के कपास किसानों के लिए एक बड़ी सौगात है। भारतीय कपास को विश्व स्तर पर एक 'प्रीमियम ब्रांड' के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से रविवार को सहाड़ा ब्लॉक के उदलियास गांव में 'कस्तूरी कपास अभियान' का शंखनाद किया गया। कृषि एवं वस्त्र मंत्रालय, भारतीय वस्त्र उद्योग महासंघ और कपास अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस किसान गोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को समृद्ध बनाने का रोडमैप साझा किया। कपास विकास अनुसंधान संगठन के राज्य परियोजना अधिकारी जीएस आमेठा ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार उच्च गुणवत्ता वाला कस्तूरी कपास किसानों को बाजार में बेहतरीन मूल्य दिलाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सीएम यादव ने संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों से उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के गुर सिखाए। कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने इस पहल को जिले के लिए वरदान बताते हुए कहा कि यहां की जलवायु, मिट्टी और उन्नत विपणन सुविधाएं कस्तूरी कपास के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं। कार्यक्रम में जिला समन्वयक गोविन्द पाराशर, भारत कुमार शर्मा, भूपेश कुमार और संजीव कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी उन्नत खेती और मार्केटिंग के टिप्स दिए।