
बड़ा खुलासा: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा, अरावली पोलीगोन क्षेत्र में दे दी खनन लीज
सुरेश जैन
भीलवाड़ा. खनन माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत का एक बड़ा मामला सामने आया है। अधिकारियों ने न केवल उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की, बल्कि खान निदेशालय और विधानसभा तक को गलत जानकारी दी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से अरावली हिल्स और पॉलीगॉन में खनन गतिविधियों और नई लीज व नवीनीकरण पर रोक के बावजूद अधिकारियों ने मिलीभगत कर एक लीज का एग्रीमेंट कर दिया। हद तो तब हो गई जब इस विवादित लीज को किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर भी कर दिया। इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ, जब ट्रांसफर के बाद नए एग्रीमेंट की फाइल चली। यह लीज पोलीगोन क्षेत्र में आती है।
उच्चतम न्यायालय ने 9 मई 2024 को आदेश पारित करते हुए अरावली और पोलीगोन क्षेत्र में अगले आदेश तक खनन पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद 25 जुलाई 2025 को खान निदेशालय ने आदेश जारी कर करेड़ा तहसील के रिछी का बाड़िया स्थित ग्रेनाइट लीज 115/2021 को दूसरे के नाम पर ट्रांसफर कर दिया। जब एग्रीमेंट की प्रक्रिया शुरू हुई, तो ड्राफ्टमैन ने नोटिंग डाल दी कि खनन पट्टा अरावली हिल्स के पोलीगोन में आता है। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निदेशालय और विधानसभा की ओर से जब भी अरावली व पोलीगोन मामलों की जानकारी मांगी, खनिज विभाग के अधिकारी हर बार शून्य रिपोर्ट भेज गुमराह करते रहे। दावा करते रहे कि जिले में ऐसा कोई मामला नहीं है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी है, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह लीज आर. रूकमणी अश्वध नाम पर दर्ज है, जबकि मौके पर खनन कार्य कोई कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अगर पोलीगोन में लीड एग्रीमेंट हुआ है तो इस मामले की जांच करवाई जाएगी। गलत होने से खनन कार्य बंद करवाया जाएगा।
- ओपी काबरा, अधीक्षण खनिज अभियंता, भीलवाड़ा
Published on:
02 May 2026 09:07 am
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