
बालश्रम की बेड़ियों से आजाद हुए 391 बच्चों के हाथों में थमाई जाएगी किताब
बालश्रम और बंधुआ मजदूरी के दलदल से निकाले गए प्रदेश के 391 नौनिहालों की जिंदगी अब शिक्षा के उजालों से संवरने वाली है । राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और राजस्थान पुलिस की ओर से समय-समय पर चलाए गए अभियानों में मुक्त हुए इन बच्चों के विद्यालय में प्रवेश और पुनर्वास को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने प्रदेश के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निकटतम विद्यालयों में इनका तत्काल दाखिला करवाएं।
एसोसिएशन फॉर वोलेंटरी एक्शन की ओर से स्कूल शिक्षा के शासन सचिव को पत्र लिखकर इन बच्चों के विद्यालयों में नामांकन और पुनर्वास की गुहार लगाई थी। संस्था के स्टेट कोऑर्डिनेटर सुनंद के सिंह के अनुसार वर्ष-2025 में पुलिस, श्रम विभाग और संस्था के संयुक्त प्रयासों से राज्य के विभिन्न जिलों में सघन कार्रवाई करते हुए 391 बच्चों को मुक्त कराया गया था। निदेशालय ने इन सभी मुक्त बाल मजदूरों की सूची संलग्न कर अधिकारियों को पाबंद किया है। निदेशालय के आदेश दिए हैं कि शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्राधिकार के संबंधित जिला कलक्टर कार्यालय से सम्पर्क और समन्वय स्थापित करना होगा। इसके बाद कलक्टर से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर इन बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी कार्रवाई पूरी करनी होगी।
निदेशालय से मिले पत्र के अनुपालन में भीलवाड़ा की मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा) अरुणा गारू ने जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और संबंधित संस्था प्रधानों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने इस पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदत्त निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बच्चों के दाखिले से जुड़ी रिपोर्ट संबंधित विभाग और उनके कार्यालय को जल्द से जल्द भिजवाने के लिए कहा है।
Published on:
02 May 2026 08:51 am
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