
भीलवाड़ा।
पापा की प्यारी बेटियां अपने पापा के साथ उनके कार्यस्थल पर पहुंची। वहां पापा के काम को नजदीक से देखने का मौका मिला। बेटियों ने जाना कि उनके पापा किस तरह से काम करते हैं। बेटियों ने भी पापा की काम करने की ट्रिक सीखकर कुछ देर तक पापा का उनके काम में हाथ बंटाया। पापा भी अपनी बेटियों को काम करने देख सिर्फ मुस्कुरा दिए। पत्रिका समूह ने इस बार अन्तरराष्ट्रीय बिटिया दिवस पर अनूठी पहल करते हुए पूरा एक सप्ताह बेटियों के नाम किया है।
पापा के ऑफिस का काम देखा बहुत अच्छा लगा और यहां आकर सीखने का जो मौका मिला वो हमारे लिए स्मरणीय है। पापा यहां टीम के साथ कार्य करते है, उनमें नवाचार नजर आता है, पत्रिका को धन्यवाद।
ऑफिस: आर्यन अकेडमी
बेटी: भव्या जैन-अराध्या जैन
पिता: . राजेश जैन
आज मैंने अपने पापा के ऑफिस आकर जाना कि पफोटोग्राफी कैसे होती है। पापा ने मुझे कैमरा और लेंस के बारे में बताया। उन्होंने शॉर्ट फिल्म वेडिंग फिल्म डॉक्युमेंट्री एडवर्टाइजिंग शूट और एडिट की के बारे में बताया।
ऑफिस: क्रिएटिव कॉटेज मीडिया इनोवेशन
बेटी: सिया-आभा
पिता: विनोद साहू
पापा के ऑफि स में आकर जाना कि किस तरह विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाता है। हमें जीवन में सफ लता हांसिल करने के लिए उच्च शिक्षित होना अति आवश्यक है। पापा ने बताया कि किस तरह से वे संपूर्ण जिले के आइटी ज्ञान केंद्रों को संचालित करते हैं।
ऑफिस: भीलवाड़ा कॉलेज
बिटिया: अन्वेशा अग्रवाल
पिता: अभिषेक लोहिया
पापा के कपड़ों के शोरूम में आकर ग्राहकों को कपड़े किस तरह से दिखाते हैं। वह किस तरह से बिलिंग की जाती है यह जाना, बहुत अच्छा लगा।
ऑफिस: इनवोग गारमेंट्स
बिटिया: दिव्या पंवार
पिता: दिनेश पंवार
आज मम्मी के साथ स्कूल ऑफि स में जाना कि कैसे स्कूल प्रबंधन किया जाता है। स्टाफ कैसे कालांश में अपने हिसाब से दैनिक व्यवस्थित रूप से जाते हैं। यहां पढऩा और पढ़ाने में अंतर को जाना।
ऑफिस: यूरोकिड्स एवं यूरो अकेडमी
बिटिया: सानवी बांगड़ एवं चारवी झंवर
माता: सरोज बांगड़ (डायरेक्टर)
अंशिका झवर (प्रिंसिपल)