
भीलवाड़ा। विधानसभा चुनावों में लगी आचार संहिता के कारण नेताओं के यहां से गनमैन हटाने व हथियार जमा कराने के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा का खतरा महसूस होने लगा है। जिले में भाजपा के दो बड़े नेताओं ने जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एक ने रिवॉल्वर मांगी है तो दूसरे ने गनमैन मांग लिया। भीलवाड़ा के सांसद सुभाष बहेडि़या ने जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है कि उनके पास एक लाइसेंसशुदा रिवॉल्वर है। आचार संहिता के कारण सुभाषनगर थाने की अेार से रिवॉल्वर जमा कराने के लिए सूचित किया है। सांसद बहेडि़या ने तर्क दिया है कि उन्हें राजस्थान के बाहर आना-जाना रहता है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से रिवॉल्वर की आवश्यकता है। एेसे में उन्हें रिवॉल्वर रखने की अनुमति दी जाए। उधर, मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर खुद की सुरक्षा के लिए गनमैन मांगा है। इस पर जिला कलक्टर ने जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। स्थिति यह है कि अब चुनाव की आचार संहिता के कारण जिलेभर के पुलिस थानों में हथियार जमा रहे हैं। एेसे में कई नेता उन्हें अपने पास रखने के लिए तरह-तरह के तर्क दे रहे हैं। अब जिला कलक्ट्रेट में इस तरह के आवेदन आने से हलचल मच गई है। जानकारों के अनुसार, अब स्क्रीनिंग कमेटी में इस तरह के प्रकरण रखे जाएंगे। इसके बाद जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक यह मिलकर तय करेंगे कि किसे हथियार देना है या किसे गनमैन। फिलहाल प्रशासन की ओर से एेसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है। अलावा जो वारंटी है उन्हें भी गिरफ्तार किया जा रहा है।
मुख्य सचेतक का तर्क-हो सकती है अप्रिय घटना
मुख्य सचेतक ने जिला कलक्टर को पत्र लिखा है कि १४ अक्टूबर को उनके घर कुछ युवक घुस गए थे जो गोलीबारी करके आए थे। एेसे में अब भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। जिला कलक्टर ने एसपी को लिखे पत्र में बताया कि ये वर्तमान में मंत्री दर्जा प्राप्त मुख्य सचेतक है। पूर्व में भी तीन विधानसभा में मंत्री व विधायक रहे हैं। एेसे में चुनावों के दौरान उन्हें सुरक्षा के लिहाज से गनमैन उपलब्ध करवाया जाए।
इसलिए मांग रहे हैं नेता
अभी आचार संहिता के कारण सभी विधायकों के गनमैन हटा लिए हैं। साथ ही जिन विधायकों के यहां सरकारी निजी सहायक लगे हुए थे उन्हें भी हटा दिया है। अब गनमैन हटाने के कारण नेता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यही नहीं, जिन नेताओं के पास हथियार है, उनके पास जब पुलिस थानों से सूचना पहुंच रही है तो वे खुद की सुरक्षा का खतरा बताकर उन्हें जमा कराने की छूट मांग रहे हैं।