राजस्थान में अफीम उत्पादक क्षेत्रों में काला सोना यानी अफीम पर अब तस्करों ने नजरें जमा दी है। मध्यप्रदेश के साथ ही पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के तस्कर अब राजस्थान के अफीम उत्पाद क्षेत्र भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, कोटा व झालावाड़ क्षेत्रों में अपनी सेंध मारने लगे है। यह तस्कर लग्जरी वाहनाें का ही उपयोग कर रहे है। यह लग्जरी वाहन भी चुराए हुए है।
राजस्थान में अफीम उत्पादक क्षेत्रों में काला सोना यानी अफीम पर अब तस्करों ने नजरें जमा दी है। मध्यप्रदेश के साथ ही पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के तस्कर अब राजस्थान के अफीम उत्पाद क्षेत्र भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, कोटा व झालावाड़ क्षेत्रों में अपनी सेंध मारने लगे है। यह तस्कर लग्जरी वाहनाें का ही उपयोग कर रहे है। यह लग्जरी वाहन भी चुराए हुए है।
तस्करों में अधिकांशत राजस्थान के भी बाडमेर, नागौर के तस्करों की गैंग सर्वाधिक सक्रिय है। दूसरी तरफ राजस्थान पुलिस व केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने भी ऐसे तस्करों को दबोचने के लिए अपना मुखबीर तंत्र मुखबीर कर दिया है।
इधर, राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के सदर थाना पुलिस ने मंगलवार को नाकाबंदी के दौरान एक पिकअप वाहन से 239 किलो अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि थाना प्रभारी वीरेन्द्रसिंह के नेतृत्व में मंगलवार को अरनोदा के समीप नाकाबंदी के दौरान अरनोदा की तरफ से आती एक पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली।
इस दौरान वाहन से 15 प्लास्टिक के काले कट्टों मे अवैध अफीम डोडा चूरा भरा हुआ मिला, जिसका वजन 2 क्विटंल 39 किलो 300 ग्राम हुआ। चालक ने पूछताछ में बाडमेर जिले के सेठवा थाने के सोमारडी निवासी श्रवण कुमार पुत्र रतनाराम विश्नोई होना बताया।
अफीम डोडाचूरा के परिवहन के संदर्भ में संतोष प्रद जवाब नहीं देने पर आरोपी चालक श्रवण को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया गया। अवैध अफीम डोडा चूरे के खरीद फरोख्त के संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।