
भीलवाड़ा।
मौसम अनुकूल रहने से खेतों में अफीम की फसल सोना उगल रही है। यह काला सोना कहीं तस्करों की नजर में न चढ़ जाए। चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए अफीम न परोस नहीं दी जाए, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं। केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने किसानों को अलर्ट किया कि अफीम की पूरी उपज का ईमानदारी के साथ तय केंद्रों पर तोल कराएं। लोकसभा चुनाव को देखते हुए भी केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (एनबी), केन्द्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), पुलिस खास चौकसी बरत रहे हैं। प्रभाग के एक गांव से एनसीबी ने हाल ही एक मकान से सात किलो अफीम बरामद भी की है।
अफीम की फसल पकने के बाद किसान डोडों पर चीरे लगाने, लुआई कर अफीम संग्रहण में लगे हैं। जिला अफीम विभाग ने अफीम की खरीद की तैयारी शुरू कर ली है। भीलवाड़ा प्रभाग में अफीम की तुलाई संभवत: सिंगोली स्थित धर्मशाला परिसर में अप्रेल के प्रथम सप्ताह में होगी।
सुरक्षा एजेंसी का डेरा
बम्पर पैदावार के चलते सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ किसान तस्करों से साठगांठ कर सकते हैं। चोर भी अफीम पार कर सकते हैं। एेसे में मुस्तैदी बढ़ गई है। बेगूं तहसील के अंवलहेड़ा में जोधपुर व दिल्ली की एनसीबी टीम ने दो दिन पहले एक मकान से सात किलो अफीम पकड़ी थी। यह कार्रवाई जोधपुर क्षेत्र में तीन दिन पूर्व एक मकान से बरामद हुई ७३ किलो अफीम को लेकर की गई।
चार वर्ष बाद अच्छी उम्मीद
भीलवाड़ा अफ ीम प्रभाग की तहसीलों में चार वर्ष से अफ ीम की उपज कम रही। इस साल मौसम ने साथ दिया और कई कटे पट्टे भी बहाल होने से बम्पर पैदावार की संभावना है। फ सल वर्ष 2018-19 के लिए 233 गांवों के लिए 5246 अफ ीम पट्टे जारी किए गए थे। इनमें से 5240 ने 518. 8308 हेक्टेयर में बुवाई हुई। भीलवाड़ा प्रभाग में कोटड़ी मांडलगढ़, जहाजपुर व बिजौलियां तहसीलों व चित्तौडग़ढ़ जिले के बेगंू व रावतभाटा तहसीलों के 223 गांव शामिल हैं।
झांसे में नहीं आएं किसान
किसानों को सलाह दी गई है कि अफीम के दूध का संग्रहण सुरक्षित तरीके से करें और पूरी उपज का सरकारी तोल कराएं। किसी अनजान व्यक्ति या दलाल के झांसे में नहीं आएं। अफीम में मिलावट नहीं करने व चुनाव को लेकर किसी के भ्रम में नहीं आने की हिदायत दी गई है। इस संदर्भ में किसान ब्यूरो को शिकायत की जा सकती है।
एसके सिंह, जिला अफीम अधिकारी