बच्ची की हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती
भीलवाड़ा।
जिले में अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर मासूमों को पेट परडाम व चीरे लगाने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में परिजन बीमार होने पर मासूमों को कभी डाम लगा रहे है तो कभी पेट पर ब्लेड से चीरा लगा रहे है। इससे मासूम की जान खतरे में पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया। पारोली थाना क्षेत्र के फलासेड़ ग्राम निवासी श्योजीराम गुर्जर की १3दिन की मासूम बच्ची हगामी को बीमार होने पर ठीक करने के लिए पेट पर कई जगह ब्लेड से चीरे लगा दिए गए। यह घटना परिजनों ने दो-चार दिन पहले की बताई है। चीरे लगाने के बाद बच्ची की हालत बिगडऩे पर उसे दादा लालाराम गुर्जर व अन्य परिजनों ने उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल क ी एमसीएच यूनिट के आईसीयू में भर्ती कराया गया। जहां मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. इंदिरा सिंह पोल व अन्य ने उसका उपचार शुरू किया। डॉ. सिंह ने बताया की बालिका को निमोनिया होने के कारण सांस लेने में परेशानी है और उसके खुन में भी इंफेशन हो रखा है। फिलहाल तो बालिका की हालत चिंताजनक है लेकिन उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है की बीमार होने पर परिजनों ने ही गांव के किसी व्यक्ति से मासूम के पेट पर चीरे लगवाए है। दूसरी ओर इस घटना की जानकारी मिलने पर एमजीएच चौकी से शैतानसिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ले सीटी कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रोल रूम ने पारोली थाने में घटना की जानकारी दी है। इस मामले को बाल कल्याण समिति को भी रेफर किया गया है।