भीलवाड़ा डेयरी का 666 करोड़ का बजट पारितडेयरी का वर्चुअल आम सभा में 882 समितियों के अध्यक्षों ने लिया हिस्सा
भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की का वार्षिक बजट ६६६.७१५ करोड़ रुपए का पारित किया गया। डेयरी ने पशुओं को यूरिया और डीएपी मुक्त चारा उपलब्ध कराने की योजना के साथ ही कोरोना काल का दो रुपए प्रतिलीटर बोनस के भुगतान का भी फैसला किया है। करीब सात करोड़ रुपए का यह भुगतान स्वीकृति के बाद पशुपालकों के खाते में डाला जाएगा।
डेयरी चैयरमेन रामलाल जाट ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में पहली बार सहकारिता क्षेत्र में वर्चुअल आमसभा का आयोजन किया गया। इसमें संचालक मंडल के सदस्यों के अलावा ८८२ समितियों के अध्यक्षो ने हिस्सा लिया। इसमें बावलास, रामपुरिया, मोतीबोरखेड़ा, तहनाल, ईनानीखेड़ा, पालड़ी, गुड्डा, एवं ब्राह्मणों की सरेरी के अध्यक्षोंने कई सुझाव दिए। जाट ने बताया कि भीलवाड़ा डेयरी में 75 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर का दुग्ध संयत्र 2022 तक तैयार हो जाएगा। इसकी क्षमता दस लाख लीटर तक हो जाएगी। वर्चुअल बैठक में जाट के साथ एमडी आशा शर्मा, सलाहकार एलके जैन, मार्केटिंग प्रभारी अरविन्द कुमार गर्ग, लिंबाराम गुर्जर, गोपाल कुमावत, काली देवी माली, परसराम शर्मा, मानवेंद्र सिंह, भैंरूलाल जाट, मूलचंद गुर्जर, बदाम देवी, रमेश जाट व हंसराज जाट मौजूद थे। बिना हाथ लगाए मिलेगा उपभोक्ताओं को दुग्ध
जाट ने बताया कि डेयरीे बिना मिलावट और बिना हाथ लगाए दुग्ध उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएगी। सभी काम अब कंप्यूटरीकृत होगा। डेयरी के सभी खरीद केंद्रों पर मिलावट रोकने के लिए प्रत्येक केंद्र पर साढ़े तीन लाख रुपए की लागत से मशीनें स्थापित की है। अब तक 211 मशीनें लग चुकी है। शेष खरीद केन्द्र पर भी जल्द ही मशीन लगाई जाएगी।
2 हजार कुट्टी मशीनें उपलब्ध कराएगी डेयरी
भीलवाड़ा डेयरी पशु पालकों को दो हजार कुट्टी मशीनें उपलब्ध करवाएगी। एक मशीन की कीमत 23 हजार रुपए है। इसमें से दस हजार रुपए डेयरी देगी। शेष राशि पशुपालकों को देनी होगी। कुट्टी मशीन से चारे की बचत होती है और पशुओं को खाने में भी आराम मिलेगा। इस दौरान पशुपालक जागरूकता कार्यक्रम का वर्चुअल आयोजन किया गया। इसमें सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान ने पशुपालकों से कोरोना से बचाव के लिए जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे है। मास्क लगाना ही कोरोना से बचाव है। वैक्सीन नहीं आती है तब तक मास्क ही वैक्सीन है।