भीलवाड़ा

बच्चों को किताबी नहीं, अनुभव वाली शिक्षा की जरुरत

मां से प्यारा नाम नहीं के विमोचन
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Book Released in bhilwara
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भीलवाड़ा।

जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने कहा, कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। उन्होंने कहा कि साहित्य का प्रभाव अचूक होता है। पुस्तकें जीवन में नए रंग भरती है। इसलिए हर व्यक्ति को पढऩे की आदत होनी चाहिए। वे शनिवार को लॉ इडेन होटल में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व एडीएम व वर्तमान में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण जयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीकमचंद बोहरा की ओर से लिखित पुस्तक ' मां से प्यारा नाम नहीं के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।

उन्होंने कहा, इस पुस्तक से आने वाली पीढ़ी को नई दिशा मिलेगी। आज किताबी नही बल्कि बच्चो को अनुभव वाली शिक्षा की जरूरत है। यह जरुरत इस तरह की किताबें पढऩे से पूरी हो सकती है। इस पुस्तक का जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, एडीएम प्रशासन लालाराम गुगरवाल, एडीएम सिटी राजेंद्रसिंह कविया, नगर परिषद सभापति ललिता समदानी, नगर विकास न्यास अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, जिला साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष दयाराम मेठानी, कवि राजेन्द्र गोपाल व्यास ने विमोचन किया।

कार्यक्रम में नगर परिषद के पूर्व सभापति ओम नराणीवाल, मधु जाजू सहित शहर के कई साहित्यकार, समाजसेवी आदि उपस्थित थे। संचालन ओम तिवाड़ी ने किया। कृतिकार बोहरा ने अपनी काव्य कृति के विमोचन के मौके पर कहा कि मां पर मैं क्या लिखु लिखती तो मां है। उन्होंने कविता की विस्त़ृत जानकारी दी।

छात्रावास निर्माण के लिए सांसद और विधायक ने दिए 5-5 लाख
भीलवाड़ा. श्री विश्वकर्मा पांचाल (लोहार) महासभा संस्था जिला मुख्यालय पर तिलक नगर में निर्माणधीन छात्रावास के लिए सांसद सुभाष चंद्र बहेडि़या व शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी ने 5-5 लाख रुपए देने की स्वीकृति जारी की है।
संस्था के कोषाध्यक्ष तुलसीराम भादा ने बताया,हाल ही में समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद व विधायक से भेंट की। प्रतिनिधि मंडल में महासभा के रमेश चंद्र भीलाड़ा, प्रभुलाल करमड़ास, मदन सारांस, बद्रीलाल सुवाणा, शंकरलाल पालड़ी, माधवलाल आकोला, रामगोपाल करेड़ा, पप्पू लसाडि़या, रामेश्वर कजलोदिया व श्यामलाल भीलाड़ा व भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश पाठक आदि शामिल थे।

Published on:
27 May 2018 12:13 pm
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