मरीजों को भगा देते है डाक्टर
भीलवाड़ा.
कोरोना संक्रमण को लेकर हर कोई परेशान है। वरिष्ठ लोग घरों से निकलने से कतराते है। ऐसे में उनकी थोड़ी तबयत भी खराब होने से वे चितिंत नजर आने लगे है। वे अपनी बीपी चैक कराने के लिए अगर महात्मा गांधी अस्पताल जाते है तो उन्हें वहा से बीपी चेक करने से ही मना करके रवाना कर दिया जाता है।
ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया। यहां काशीपुरी निवासी एक महिला की तबीयत खराब होने पर महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचकर अपनी बीपी चेक करने के लिए आपातकालीन सेवा में कार्यरत डाक्टर तबस्सुम से कहा तो
उसने बीपी चेक करने से मना कर दिया और कैल्शियम और विटामिन की गोली दे दी। जब इसकी शिकायत अस्पताल के अधीक्षक डॉण् अरुण गौड़ से की तो उन्होंने जानकारी करने की बात कहीं। गौड़ ने आपतकालीन सेवा में डाक्टर को बीपी चेक करने के लिए कहा तो उल्टा मरीज पर लाल पीने हो गई। कुछ देर तक तो बीपी चेक करने का उपकरण नहीं नहीं मिला। बाद में जैसे.तैसे बीपी चेक की और बीपी अधिक आने के बाद भी दवा नहीं लिखी। महिला डाक्टर ने मरीज के साथ आए परीजन को यह कहकर रवाना कर दिया कि यह तो गौड़ सर का फोन आ गया इसलिए बीपी चेक कर ली वैसे यहां कोई बीपी चेक नहीं की जाती है।
शिकायत मिली
आपातकालीन सेवा में बीपी चेक नहीं करने की शिकायत मिली है। मैं अभी छुट्टी पर हूं फिर भी इस मामले की जानकारी लेकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ . अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच